भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी में अवधपुरी थाना इलाके के शिव संगम नगर में शुक्रवार शाम को आवारा कुत्तों के झुंड ने छह वर्षीय बालक को नोंच-नोंच कर मार डाला. जब कुत्ते बच्चे पर हमला कर रहे थे, उस वक्त उसकी मां सावित्री ने इन कुत्तों से अपने बेटे को छुड़ाने की कोशिश भी की, लेकिन कुत्तों ने उस पर भी हमला कर दिया, जिससे वह उसे बचाने में असमर्थ रही. भोपाल के अवधपुरी पुलिस थाना प्रभारी मांगीलाल भाटी ने शनिवार को बताया, ''शुक्रवार शाम को शिव संगम नगर में रहने वाले छह वर्षीय बालक संजू को घर के बाहर खेलने के दौरान छह आवारा कुत्तों का झुंड वहां से कुछ दूर घसीट कर ले गया और उसे नोंच-नोंच कर मार डाला.''

उन्होंने मृतक बालक के परिजन के हवाले से बताया कि कल शाम को जब संजू के पिता घर लौटे तो उन्हें संजू घर में नहीं दिखा. उनकी पत्नी सावित्री ने बताया कि 15-20 मिनट पहले ही खेलने निकला है. मां ने घर से निकलकर देखा तो उसे संजू तो नहीं दिखाई दिया लेकिन घर से कुछ दूर नाले किनारे कुछ आवारा कुत्तों का झुंड नजर आया. उनकी गुर्राहट के बीच संजू की चीख सुनाई दी. भाटी ने बताया कि सावित्री ने कुत्तों को भगाने की कोशिश की तो वो उस पर भी लपकने लगे. वह 'कोई मेरे बच्चे को बचाओ' चिल्लाते हुए घर की ओर दौड़ी. इस पर उसके पति और अन्य लोगों ने पत्थर मारकर कुत्तों को भगाया. कुत्तों ने मासूम बालक को जगह-जगह से नोंच दिया था और खून से लथपथ मासूम बालक दर्द से करार रहा था.
उन्होंने बताया कि परिजन घायल बालक को अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया. भाटी ने कहा कि पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया है और शव का पोस्टमॉर्टम होने के बाद परिजन को सौंप दिया है. उन्होंने कहा कि हमने इलाके में कुत्तों के आतंक के बारे में भोपाल नगर निगम के अधिकारियों को सूचना दे दी है और उन्होंने इलाके से आवारा कुत्तों को हटाने के लिए युद्ध स्तर पर अभियान शुरू कर दिया है. मालूम हो कि इससे पहले एक फरवरी 2018 को भी शहर के गौतम नगर इलाके में डेढ़ साल के रजा को कुत्तों के झुंड ने उसी के घर के पास नोंच-नोंच कर मार डाला था.
ठीक इसी तरह से पिछले साल 20 सितंबर को भी आवारा कुत्तों के झुंड ने शहर के गोकुल धाम इलाके में छह वर्षीय एक बालक पर हमला किया था और उसे बुरी तरह से जख्मी कर दिया था. इसी बीच, भोपाल नगर निगम आयुक्त बी विजय दत्ता ने स्वीकार किया कि शहर में आवारा कुत्तों के शेल्टर होम की कमी है, जिससे इनके आतंक को रोकने में बाधा आ रही है. उन्होंने कहा कि हम उनके लिए शेल्टर होम बना रहे हैं और इस काम में समय लगता है. हमने इसके लिए बजट का आवंटन बढ़ा दिया है. (इनपुटः भाषा)