भोपाल राजधानी भोपाल में आचार्य विशुद्ध सागर महाराज और संघस्त 22 दिगम्बर मुनिराजों के सानिध्य में श्री मज्जिनेन्द्र पंचकल्याणक एवं गजरथ महोत्सव का भव्य आयोजन होने जा रहा है। आयोजन की तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। शुक्रवार को आचार्य श्री के सानिध्य में पंचकल्याणक महोत्सव के प्रमुख पात्रों का चयन हुआ। प्रमुख पात्र पाषाण से भगवान बनने के महानुष्ठान में मुख्य क्रियाओं की सहभागिता करेंगे।  
मंदाकिनी मंदिर समिति के अध्यक्ष डॉ. मुकेश जैन ने बताया कि पंचकल्याणक महोत्सव के प्रमुख पात्रों का चयन हुआ जिसमें प्रमुख रूप से राजेश-श्वेता जैन को भगवान के माता-पिता बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ साथ ही दौलतराम-सुमन जैन (सौधर्म इन्द्र-इन्द्राणी), जयकुमार-राजकुमारी जैन कुबेर इन्द्र-इन्द्राणी, वीरेन्द्र-प्रीति (महायज्ञ नायक), पवन-नीलम (यज्ञनायक), शैलेन्द्र-रूपम (भरत), मनीष-सोनाली बड़कुल (बाहुबली), डॉ. नरेन्द्र-किरण (इशान इन्द्र), डॉ. उमेश-अर्चना (सनत कुमार इन्द्र), डॉ. मुकेश-निर्मला जैन ( महेन्द्र इन्द्र ), चन्द्रभान-चन्द्रप्रभा ( राजा श्रेयांश), विनोद-पुष्पलता ( राजा सोम ) और ध्वजारोहणकर्ता विपिन-हिमांशी जैन होंगे। महोत्सव के प्रतिष्ठाचार्य पं. महेश तामोट एवं राजेश राज होंगे। आज 11 मई को पंचकल्याण महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर आचार्य संघ के सानिध्य में प्रात: 7 बजे ध्वजारोहण के साथ मंडप शुद्धि, इन्द्र प्रतिष्ठा, आचार्य निमंत्रण आदि धार्मिक अनुष्ठान विधि विधान से होंगे। 
आचार्य श्री विशुद्ध सागर महाराज ने आशीष वचन में कहा कि भगवान वही बन पाता है जिनकी सर्वजगत के प्राणी मात्र के कल्याण की भावना तीव्र रहती है। शत्रुता रागद्वेष में होती है पर करुणा प्राणी मात्र की होती है। आचार्य श्री ने कहा कि जिसका तत्व पर अनुशासन है वह समस्त विश्व पर शासन करता है। जिसका स्व पर अनुशासन है वही आत्मानुशासक है और जो आत्मानुशासक होता है वही विश्व के प्राणी मात्र पर अनुशासन करता है। संबंधों में दुख है, स्वभाव में सुख है। जगत के संबंध दुख ही देते हैं जो संबंधों से दृष्टि हटा लेताहै वह स्वात्मभूत आत्मद्रव्य स्वभाव को प्राप्त कर लेता है। 
हे जीव सुख चाहते हो तो कषायों से अपनी रक्षा करो कषाय कष्टकारी है, कषाय दुखदायी हैं, कल्याण चाहते हो तो कषाय भावों से निज की रक्षा करो, अकषायभाव में स्थिर रहने का अभ्यास करो। आज धर्मसभा के पूर्व प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने आचार्य विशुद्ध सागर महाराज को श्रीफल भेंटकर आशीर्वाद लिया। आचार्य श्री ने श्री सिंह को स्वलिखित ग्रंथ विशुद्ध देसना की कृति आदि भेंट की। 
शनिवार को मुनि अजित सागर महाराज का 21वाँ मुनि दीक्षा दिवस चंदन नगर जैन मंदिर में। 
पंचायत कमेटी ट्रस्ट के प्रवक्ता अंशुल जैन ने बताया कि 11 मई को मुनि अजित सागर महाराज का 21वाँ दीक्षा दिवस चंदन नगर जैन मंदिर, हाउसिंग बोर्ड करोंद में मनाया जायेगा, कल शनिवार प्रात: 6 बजे से अभिषेक, शांति धारा, नित्य नियम पूजन के साथ श्री विद्यासागर विधान का आयोजन भी होगा। श्रद्धालु मुनिश्री के कृतित्व एवं व्यक्तित्व पर प्रकाश डालेंगे।