जबलपुर। किसान मेहनत से एक-एक दाना उगाने में कड़ी मेहनत करता है और उसके बाद किसान की उपज खरीदने में कई किस्म की परेशानी पैदा होतीं हैं और जब उपज खरीद ली जाती है तो उसका परिवहन और भण्डारन करने में भ्रष्टाचार के कई रास्ते खोले जाते हैं। ऐसा ही एक रास्ता इन दिनों अपनाया जा रहा है जिससे सायलोवैâप और ओपन वैâप में अनाज रखा जा रहा है। जिले के सारे वेयर हाउस खाली पड़े हैं। दरअसल शासन, प्रशासन ने वेयर हाउस मालिकों पर इतने कड़े नियम लाद दिये हैं कि कोई भी वेयर हाउस मालिक उन शर्तों पर अनाज का भंडारन करने तैयार नहीं है। अब सायलो वैâप और ओपन वैâप में रखी फसल हवा, पानी में अगर उड़ती है और खराब होती है तो इसका नुकसान तो आखिर शासन को ही होना है। 
क्या है सायलो, ओपन वैâप ..........
सायलो वैâप में पन्नी के अंदर उपज को पैक करके फिर उसे खुले में रख दिया जाता है और ऊपर से फिर पन्नी ढंकी जाती है। तेज आंधी, तूफान में जब बड़े-बड़े होर्डिंग्स और टावर गिर जाते हैं तब हवा में पन्नी का फटना आम बात है और ऐसे में अनाज में नमी आने से उसकी चमक फिकी होती है और गुणवत्ता प्रभावित हो जाती है। कमोबेश यही स्थिति ओपन वैâप में है ओपन वैâप में चबूतरे का निर्माण कर फसल की बोरियां रखकर उसमें ऊपर से पन्नियां ढांक दीं जातीं हैं जो बारिश और तेज हवाओं के बीच ताश के पत्ते की तरह बिखर जातीं हैं और उड़ जातीं हैं। 
क्यों खाली पड़े वेयर हाउस .........
दरअसल प्रशासन ने वेयर हाउस संचालकों पर कड़े नियम लाद दिये हैं जिससे वेयर हाउस वाले फसल रखने तैयार नहीं हैं। ताला और चाबी खाद्य अपूर्ति निगम की रहती है लेकिन माल कम हो जाये, उसमें नमी आ जाये या वजन घटन जाये तो उसकी भरपाई वेयर हाउस संचालक से की जाती है और तो और पूरे वेयर हाउस में कीट नाशक दावा छिड़काव की जिम्मेदारी भी संचालक पर डाली जाती है। इसमें से एक भी शर्त कम होने पर किराये का पैसा काटकर आधा कर दिया जाता है। माल की गिनती के समय लाखों बोरे गिन पाना वेयर हाउस संचालक के लिए संभव नहीं हो पाता, इसलिये वेयर हाउस खाली पड़े हैं। 
जांच हुई तो करोड़ा का घोटाला सामने आयेगा ..........
धान का भंडारन होने के बाद शासन ने धान की सुरक्षा व्यवस्था के लिये लाखों रुपये के तिरपाल, दवाई और बारदाना बदलने में खर्च कर दिये। भंडारित धान तेज धूप और हवा, पानी में क्षतिग्रस्त हो गई है सूत्रों का कहना है कि अगर बारीकी से जांच की गई तो करोड़ों रुपयों का सुनियोजिक घोटाला सामने आ सकता है जिसकी लीपापोती करने की कवायद में अफसर जुट गये हैं।