जबलपुर। हवा की दिशा बदलने और बादलों की परत आने से पारे में गिरावट आई है लेकिन उमस बढ़ गई है दिन का तापमान औसत से ३ डिग्री नीचे आ गया लेकिन रात का पारा औसत से २ डिग्री ऊपर का बना हुआ है इसलिये गर्मी राहत देने के मूड में नहीं आ रही। फानी तूफान का असर कम होने पर एक बार फिर गर्मी  अपनी प्रचंडता पर पहुंचेगी। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि उत्तर पूर्वी मध्यप्रदेश के ऊपर एक कम हवा के दबाव का क्षेत्र बना है और हवा की दिशा भी बदल गई जिससे मौसम में तबदीली आई है। 
हवाओं की दिशा ने बदला रुख..........
जबलपुर शहर के आसपास के क्षेत्रों में मौसम के तेवर में बदलाव आया है हालांकि पड़ोसी जिला दमोह प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा जहां ४४ डिग्री तापमान दर्ज किया गया। जबकि जबलपुर, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाडा, नरसिंहपुर, मंडला में पारे की चाल धीमी हुई है ऐसा उत्तर पूर्वी हवाओं की वजह से हुआ है। एक दो दिन बाद पारा फिर छलांग लगायेगा। 
पारे की चाल थमी..........
स्थानीय मौसम विज्ञान केन्द्र के प्रवक्ता ने बताया कि शनिवार को तापमान भले ही ३८ डिग्री पर था लेकिन बेतहाशा गर्मी ने और चटख धूप ने लोगों को परेशान किया। गर्म हवाआें के थपेड़े हवा में नमी बढ़ने से उमस का वातावरण बन गया। पिछले २४ घंटों के दौरान नगर का अधिकतम तापमान ३८.० डिग्री सेल्सियस सामान्य से ३ डिग्री कम दर्ज किया गया। वहीं न्यूनतम तापमान २६.०६ डिग्री सेल्सियस सामान्य से २ डिग्री अधिक दर्ज किया गया। हवा में नमी प्रातः काल ५२ प्रतिशत और सायंकाल २२ प्रतिशत आंकी गई। प्रदेश में सर्वाधिक ४४ डिग्री तापमान दमोह जिले में दर्ज किया गया। उत्तर पूर्वी हवायें ४-८ किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली। सूर्योदय प्रातः ५.३४ बजे और सूर्यास्त ६.३९ बजे हुआ। पिछले वर्ष आज के दिन का अधिकतम तापमान ४१.१ डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान २६.६ डिग्री दर्ज किया गया था। अगले २४ घंटों के दौरान मौसम आम तौर पर शुष्क रहने की संभावना व्यक्त की गई है।