जबलपुर। पिछले दो दिनों से पारे की चाल ४२ डिग्री के आसपास बनी हुई है। गर्मी पूरी प्रचंडता के साथ अपना असर दिखा रही है। आसपास के जिलों में पश्चिमी विक्षोप के प्रभाव से आसमान पर हल्के बादल घिर आये जिसका असर जबलपुर में भी देखा गया, इसके बावजूद गर्मी से कोई राहत नजर नहीं आ रही है। मौसम विभाग के मुताबिक पारे की नरमी के बीच कुछ स्थानों पर धूल भरी आंधी और बूंदाबांदी हो सकती है। दिन में लू के थपेड़े शरीर को झुलसा रहे थे। वहीं गर्म हवाओं के थपेड़े जनजीवन को परेशान करने लगे हैं। दिन में जहां तेज धूप की तपन ने खूब पसीना बहाया, वहीं शाम को उमस ने हलाकान किया। गुरुवार की सुबह को आसमान में बादलों के छाने से तापमान की उछाल पर बे्रक लगा, लेकिन हवा में नमी बढ़ जाने से उमस का वातावरण बन गया। दोपहर बाद आसमान पर बादलों की आवाजाही बनी रही।
    स्थानीय मौसम विज्ञान केन्द्र के प्रवक्ता ने बताया कि राजस्थान से आये चक्रवाती हवाओं के घेरे की वजह से हवा के कम दबाव का क्षेत्र बना और आसमान पर बादलों ने घेरा डाला और तापमान की रफ्तार पर लगाम लगाई। मौसम विभाग के मुताबिक अभी राजस्थानी चक्रवात पूरी तरह से विदा नही हो पाया और बंगाल की खाडी से एक नया चक्रवात मध्यप्रदेश आ रहा हैं।  पिछले २४ घंटों के दौरान नगर का अधिकत्तम तापमान ४२.२ डिग्री सेल्सियस सामान्य से १ डिग्री अधिक दर्ज किया गया है, वहीं न्यूनतम तापमान २७.०३ डिग्री सामान्य से २ डिग्री अधिक दर्ज किया गया है। हवा में नमी प्रात: काल २५ प्रतिशत और सायंकाल १५ प्रतिशत आंकी गई। सूर्योदय सुबह ५.३६ पर और सूर्यास्त शाम ६.३८ मिनिट पर दर्ज किया गया। प्रदेश में सबसे अधिक ४५ डिग्री तापमान रीवा, सीधी, नौगांव जिले में दर्ज किया गया। पश्चिमी हवायें ४ किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चलीं। गत वर्ष आज के दिन का अधिकतम तापमान ४२.३ और न्यूनतम तापमान २५.० डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। अगले २४ घंटों के दौरान अनेक स्थानों पर धूल भरी आंधी चल सकती है, वहीं कुछ स्थानों पर गरज चमक के साथ पानी की बौछारें पड़ने की संभावना हैं। जबकि जबलपुर में मौसम शुष्क रहने की संभावना है।