जबलपुर। वर्तमान सरकार के मंत्रियों ने तीन माह पूर्व में सीलिंग पीड़ित किसानों के भूमि की समस्या पर कलेक्टर जबलपुर से रिपोर्ट मांगी थी, तदानुसार कलेक्टर की रिपोर्ट भी चुनाव आचार संहिता लगने दो सप्ताह पूर्व में ही सरकार के पास पहुंच चुकी है। 
इसी तरह से जब प्रदेश का वर्तमान सत्ताधारी पक्ष विरोध में था, तब उसने सीलिंग पीड़ित किसानों को यह आश्वासन बारम्बार दिया गया कि उनकी समस्या का निराकरण सत्ता में आने के १० दिनों के भीतर ही किया जायेगा। 
लेकिन वर्तमान सरकार ने न तो कलेक्टर की रिपोर्ट पर कोई कार्यवाही की, न ही सत्ता के आने को ५ माह बीतने के बावजूद भी इन किसानों की समस्या का निराकरण नहीं किया। 
स्पष्ट है कि वर्तमान सरकार ने सीलिंग पीड़ित किसानों के साथ वादाखिलाफी की है। इससे आक्रोशित होकर सीलिंग पीड़ित किसानों ने आज सिविक सेंटर उद्यान में एकत्रित होकर मौन विरोध प्रकट किया तथा अगली रणनीति बावत् विचार विमर्श किया। 
इस अवसर पर डॉ. पी.जी. नाजपांडे, राजेश गिदरोनिया, वैâलाश पटेल, जवाहर जायसवाल, मदन दुबे, विनोद पटेल, रामसहाय चौबे, कोमल चक्रवर्ती, विनोद रैकवार, चन्द्रशेखर पटेल, संतोष, कोमल सिंह, भगवानदास सोनी, कबीरा गोस्वामी, लटोरी कोरी आदि भारी संख्या में किसान उपस्थित थे।