जबलपुर। एक नाबालिग छात्रा के अपहरण के मामले में आरोपी को जमानत नहीं मिली। मामला रीवा जिले के मनगवां थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम मानिकवार का है। आरोपी युवक को मप्र उच्च न्यायालय ने अग्रिम जमानत देने से इंकार कर दिया। जस्टिस राजीव कुमार दुबे की एकलपीठ ने कहा कि प्रथम दृष्टया आवेदक के खिलाफ नाबालिग का अपहरण का अपराध दर्ज करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं। पीडि़ता नाबालिग है लिहाजा उसके शपथपत्र के आधार पर आवेदक को अग्रिम जमानत नहीं दी जा सकती।
गिरफ्तारी से बचने पेश की अग्रिम जमानत .......
    अभियोजन पक्ष की कहानी के अनुसार रीवा, मनगवां थानांतर्गत ग्राम मानिकवार निवासी आरोपी आशीष कुमार विश्वकर्मा ने क्षेत्र की ही रहने वाली एक नाबालिग छात्रा का १८ मई २०१८ को अपहरण कर लिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भादंवि की धारा ३६३, ३६६ के तहत प्रकरण दर्ज किया। इसी मामले में गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी आशीष की ओर से यह अग्रिम जमानत की अर्जी पेश की गई।
मायने नहीं रखता आरोपी के पक्ष में दिया गया शपथपत्र .......
    आरोपी की ओर से अधिवक्ता पीएस गहरवार ने तर्क दिया कि पीडि़त छात्रा ने आरोपी के पक्ष में शपथपत्र दे दिया है। जिसमें उसने ऐसी किसी घटना से इंकार किया है। शासकीय पैनल लॉयर अभय गुप्ता ने कहा कि आवेदक के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं। पीडि़त की स्कूली दस्तावेजों के अनुसार जन्मतिथि ११ नवंबर २००२ है। वह अभी भी बालिग नहीं हुई। इसलिए उसका शपथपत्र मायने नहीं रखता। कोर्ट ने तर्क को स्वीकार कर अर्जी निरस्त कर दी।