वाशिंगटन । कहा जाता है कि कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती। इसी बात को सच साबित कर दिखाया 10 साल की सारा हिंसले ने। बिना हाथों के पैदा हुई सारा ने कभी इसे अपनी कमजोरी नहीं समझा। अपने इसी बुलंद हौसले की बदौलत आज उन्हें संयुक्त राष्ट्र अमेरिका में बेस्ट हैंडराइटिंग अवार्ड मिला है। जानकारी के अनुसार अंग्रेजी और थोड़ी बहुत मैंडरिन लिखने वाली सारा ने जब इस साल लिखना शुरू किया, तब उन्हें लगा कि करसिव राइटिंग लिखने में थोड़ी आसान होती है। बता दें कि सारा सिर्फ लिखती ही नहीं बल्कि पेंटिंग, ड्राइंग और क्ले से मूर्तियां भी बनाती हैं। तीसरी कक्षा में पढ़ने वाली सारा की टीचर का मानना है कि उन्होंने इस छोटी लड़की के मुंह से कभी यह नहीं सुना कि मैं इस काम को नहीं कर सकती। मैरीलैंड के फ्रेडरिक के सेंट जॉन्स रीजनल कैथोलिक स्कूल में तीसरी कक्षा में पढ़ने वाली सारा ने अपनी कर्सिव हैंडराईटिंग के लिए 2019 का निकोलस मैक्सिम अवार्ड जीता है।
सारा की मां कैथरीन विंसले का कहना है कि सारा ने कभी भी किसी कृत्रिम अंग का प्रयोग नहीं किया। वह कैंची से कागज काटने से काम खुद ही कर लेती हैं। सारा का कहना है कि अक्षर लिखना एक आर्ट है, जो मुझे पसंद है। 4 साल पहले चीन से सारा यूनाइटेड स्टेट्स अपने नए परिवार के पास आई थी। जब वह जुलाई 2015 में वहां पहुंची तो उनकी मां ने कहा कि सारा मैंडरिन लिख और बोल सकती हैं। जिसके बाद अपनी बहन वेनोरिका की मदद से सारा ने अंग्रेजी भी सीख ली। 13 जून को होने वाले सम्मान समारोह में सारा को राष्ट्रीय पुरस्कार की ट्रॉफी एवं इनाम में 500 डॉलर दिए जाएंगे।