इस्लामाबाद । वित्तीय परेशानियों से जूझ रहे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की सरकार लगातार कामकाज मोर्चे पर आलोचना झेल रही है। गुरुवार पीएम इमरान खान को अपनी कैबिनेट में फेरबदल किया। कैबिनेट में यह फेरबदल वित्त मंत्री असद उमर के इस्तीफा के बाद किया गया है। आईएसआई के पूर्व अधिकारी ब्रिगेडियर (सेवानिवृत्त) इजाज शाह को गृह मंत्रालय का महत्वपूर्ण विभाग दिया गया है। उन्हें हाल ही में संसदीय मामलों का मंत्री बनाया गया था। वह पूर्व सैन्य शासक जनरल परवेज मुशर्रफ के विश्वासपात्र थे।
पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो ने कथित तौर पर जिन तीन लोगों से अपने जीवन को खतरा बताया था उसमें शाह का नाम भी शामिल था। पिछले साल के चुनाव में शाह को संसद सदस्य चुना गया था।
पिछले साल मंत्रिमंडल से हटाये गये आजम स्वाति को संसदीय मामलों का मंत्री नियुक्त किया गया है।
मंत्रिमंडल में फेरबदल के तहत सूचना मंत्री फवाद चौधरी को विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री बनाया गया है जबकि पेट्रोलियम मंत्री गुलाम सरवर को नागर विमानन मंत्री बनाया गया है। प्रधानमंत्री ने नया वित्त मंत्री नियुक्त नहीं किया बल्कि इसके बजाय वह वित्त पर एक सलाहकार नियुक्त करने की योजना बना रहे हैं। इमरान खान के आठ महीना पहले प्रधानमंत्री बनने के बाद कैबिनेट में यह पहला सबसे बड़ा फेरबदल है।