सैन फ्रांसिस्को । दुनिया के दो टेक्नॉलजी दिग्गज एप्पल और क्वॉलकॉम ने पेटेंट लाइसेंसिंग को लेकर दो साल पुरानी कानूनी लड़ाई को खुद ही सुलझा लिया है। इसके साथ ही दोनों कंपनियों के बीच जारी सभी कानूनी झगड़े खत्म हो गए हैं और रॉयल्टी विवाद भी सुलझ गया है। इस सरप्राइज सेटलमेंट के बाद आईफोन में एक बार फिर क्वॉलकॉम के मॉडेम चिप्स का इस्तेमाल हो सकेगा। दोनों कंपनियों में ग्लोबल पेटेंट लाइसेंस और चिपसेट सप्लाई का एग्रीमेंट हुआ है। दोनों कंपनियों के संयुक्त बयान के मुताबिक एप्पल, क्वॉलकॉम को पेमेंट भी करेगी। हालांकि, पेमेंट की रकम का खुलासा नहीं किया गया है। दोनों कंपनियों के बीच अमेरिका के अलावा चीन, जर्मनी और कई दूसरे देशों में कानूनी लड़ाई चल रही थी। इस सेटलमेंट के बाद सारे कानूनी विवाद खत्म हो गए हैं। 
कंपनियों के बीच 6 साल का लाइसेंसिंग एग्रीमेंट भी हुआ है, जिसे 2 साल बढ़ाने का भी विकल्प है। इस बीच, फिलहाल एप्पल को आफोन चिप की सप्लाई करने वाली कंपनी इंटेल ने इस सेटलमेंट के बाद कहा है कि वह मॉडेम चिप बिजनेस से बाहर होगी। इंटेल ने कहा है कि उसने 5जी मोबाइल मॉडेम मार्केट छोड़ने का फैसला किया है। कंपनी ने कहा है कि वह पीसी, स्मार्ट होम डिवाइसेज के लिए 4जी और 5जी मॉडेम पर फोकस करेगी। साथ ही, अपने 5जी इंफ्रास्ट्रक्चर बिजनेस पर भी ध्यान देगी।
क्वॉलकॉम पहले से ही 5जी चिप की सप्लाई कर रही है, जबकि इंटेल अभी उसे डेवलप कर रही है, ऐसे में इस डील से एप्पल को सैमसंग और दूसरी कंपनियो से मुकाबला करने में मदद मिलेगी। इससे पहले, एप्पल ने क्वॉलकॉम पर मॉडेप चिप बिजनेस में अपना एकाधिकार बनाए रखने के लिए अवैध पेटेंट प्रैक्टिस इस्तेमाल करने का आरोप लगाया था। मॉडेप चिप, फोन को मोबाइल डेटा नेटवर्क से कनेक्ट करने का काम करती है। वहीं, क्वॉलकॉम का कहना था कि एप्पल बिना पेमेंट के उसकी टेक्नॉलजी का इस्तेमाल कर रही है। एप्पल ने सन 2016 में कुछ आईफोन में इंटेल के मॉडेम चिप्स का इस्तेमाल करना शुरू किया। इसके बाद, एप्पल ने क्वॉलकॉम को लाइसेंस फीस का भुगतान करना बंद कर दिया। एप्पल ने अपने आईफोन में 2018 में क्वॉलकॉम के मॉडेप चिप का इस्तेमाल पूरी तरह बंद कर दिया।