जबलपुर। पूर्वी मध्यप्रदेश में हवा के कम दबाव का क्षेत्र प्रभावी होने के कारण समूचे पूर्वी मध्यप्रदेश में मौसम का मिजाज गड़बड़ा गया है। शनिवार को शहर में आसमान पर बादलों की आवाजाही बनी रही। मौसम विभाग की माने तो चक्रवात अभी प्रभावी है और संभाग के अनेक स्थानों पर गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। आसमान में बादल छाने और बूंदाबांदी होने से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरेंं खिंच गई। मौसम के मिजाज में आई तब्दीली से दिन का तापमान छलांग नहीं लगा पाया है। जबकि रात के तापमान में जारी वृद्धि पर लगाम लगी है। 
    स्थानीय मौसम विज्ञान केन्द्र से प्राप्त जानकारी के अनुसार देश के राजस्थान से चलकर आया हवा के कम दबाव वाला क्षेत्र पूर्वी मध्यप्रदेश में बना हुआ है। इसकारण आसमान पर बादल छाये और गुरूवार की रात और तड़के १.१ मिली मीटर वर्षा हुई। बूंदाबांदी होने का सिलसिला अभी जारी रहेगा। मौसम विभाग के मुताबिक देश के पूर्वी हिस्सों में पिछले २४ घंटों के दौरान जोरदार बूंदाबांदी होने लगी। हवा के कम दबाव वाला क्षेत्र जबलपुर और रीवा संभाग में सक्रिय होने के कारण तड़ित झंझावात के साथ वर्षा के आसार बन गये हैं। मौसम विज्ञान केन्द्र से बताया गया कि पिछले २४ घंटों के दौरान नगर का अधिकतम तापमान ४०.३ डिग्री सेल्सियस सामान्य से २ डिग्री अधिक, न्यूनतम तापमान २३.९ डिग्री सामान्य से २ डिग्री अधिक दर्ज किया गया। हवा में नमी प्रातःकाल २६ प्रतिशत और सायंकाल १६ प्रतिशत दर्ज की गई। शहर में उत्तर-पश्चिमी हवाएं ५ से ६ किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चलीं। प्रदेश में सबसे अधिक ४५ डिग्री तापमान खरगौन जिले में दर्ज किया गया। अगले २४ घंटों के दौरान जबलपुर सहित संभाग के अनेक जिलों में गरज चमक के साथ पानी की बौछारें पड़ने की संभावना है।