बचपन में गिरने वाले दूध के दांत को संभाल कर रखना भविष्य में आने वाली कई बीमारियों से बचा सकता है। एक शोध में दावा किया गया है कि बचपन में  गिरने वाले दूध के दांतों में मौजूद स्टेम सेल (कोशिकाओं) से कैंसर और हृदय रोग से जुड़ी बीमारियों का इलाज किया जा सकता है। 
शोधकर्ताओं के अनुसार बच्चों के दांत पर्यावरण के साथ ज्यादा समय तक संपर्क में नहीं रहते इसलिए ज्यादा खराब नहीं होते। शोध के अनुसार बच्चों के दांतों में मौजूद स्टेम सेल की मदद से शरीर में आसानी से नई कोशिकाओं को उगाया जा सकता है। बच्चों के दांतों से मिलने वाला स्टेम सेल इलाज में इतना कारगर साबित हो सकता है कि अब शरीर के दूसरे हिस्से से बोन मैरो निकलने की जरूरत नहीं रहेगी।
दांतों में मौजूद स्टेम सेल की खोज और उसपर शोध की प्रक्रिया अभी शुरुआती चरण में है, पर भविष्य में इसकी मदद से कैंसर का इलाज करने और न्यूरल कोशिकाएं उगा कर हृदयाघात को रोकने में सहायता जरुर मिलेगी। वैज्ञानिकों के अनुसार दांतों में मिलने वाले स्टेम सेल की सहायता से हड्डियों को, गुर्दे को और आंखों की टिश्यू को दोबारा उगाया जा सकता है। यह स्टेम सेल 10 साल के बच्चे के दांतों से मिल सकती हैं।