भोपाल,  मध्यप्रदेश में पश्चिम बंगाल की तरह पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों के बीच टकराव की खबर आ रही है. कमलनाथ सरकार की पुलिस प्लेटिनम प्लाजा पहुंच गई है और सीआरपीएफ के साथ भिड़ गई है. इसके अलावा पुलिस ने भोपाल और इंदौर में छापेमारी के ठिकानों पर घुसने की कोशिश भी की. पुलिस और सीआरपीएफ के बीच हुई भिड़ंत के बाद सीआरपीएफ ने और जवानों को प्लेटिनम प्लाजा पर बुलाया है. एक बस और सीआरपीएफ जवान पहुंचे हैं.

बता दें, मुख्यमंत्री कमलनाथ के ओएसडी प्रवीण कक्कड़ के करीबी अश्विनी शर्मा और प्रतीक जोशी के घर पर आयकर विभाग ने सीआरपीएफ की मदद से छापेमारी की है. अभी छापेमारी जारी है. इस बीच मध्यप्रदेश पुलिस ने शर्मा के घर प्लेटिनम प्लाजा को घेर लिया है. पुलिस की सीआरपीएफ के साथ नोंकझोंक भी हुई है. बता दें, भोपाल के प्लेटिनम प्लाजा में आयकर विभाग ने छापेमारी की है. यहां की छठी मंजिल पर प्रतीक जोशी और अश्विनी शर्मा रहते हैं.

MP पुलिस ने कहा- लोगों की सहूलियत के लिए हम आएं, छापेमारी से कोई लेना-देना नहीं

भोपाल के एसपी सिटी भूपिंदर सिंह ने कहा कि छापेमारी से हमारा कोई लेना-देना नहीं है. यह एक आवासीय परिसर है, अंदर ऐसे लोग हैं जिन्हें चिकित्सा सहायता की आवश्यकता है, वे मदद के लिए स्थानीय एसएचओ को बुला रहे हैं. उन्होंने छापेमारी के कारण पूरे परिसर को बंद कर दिया है. हम लोगों की सहूलियत के लिए यहां पहुंचे हैं.

सीआरपीएफ ने कहा, हमें गालियां दे रहे हैं MP पुलिस के अफसर

सीआरपीएफ अधिकारी प्रदीप कुमार ने कहा कि मध्य प्रदेश पुलिस हमें काम नहीं करने दे रही है, वे हमें गालियां दे रहे हैं. हम केवल अपने सीनियर्स के आदेशों का पालन कर रहे हैं. सीनियर्स ने हमें किसी को भी अंदर नहीं जाने देने के लिए कहा है. कार्यवाही जारी है, इसीलिए हम किसी को अंदर नहीं जाने दे रहे हैं. केवल अपना कर्तव्य निभा रहे हैं.

एसएसपी को प्रवीण कक्कड़ के घर में घुसने से रोका

वहीं, इंदौर में प्रवीण कक्कड़ के घर पर एसएसपी रुचि वर्धन मिश्र, एसपी यूसुफ कुरैशी और पुलिस टीम के साथ मौजूद हैं. एसएसपी रुचि वर्धन मिश्र को सीआरपीएफ ने प्रवीण के घर के अंदर जाने से रोका है. एसएसपी ने सीआरपीएफ के जवानों को अपना मोबाइल नंबर दिया और कहा कि कुछ आवश्यकता होने पर तत्काल सूचित करें.

शिवराज ने कहा- मध्यप्रदेश में अभूतपूर्व संवैधानिक संकट

पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मैं हैरान हूं कि राज्य सरकार और उसके सीएम आयकर विभाग को रोकने की कोशिश कर रहे हैं. सीआरपीएफ को उसकी ड्यूटी करने से रोका जा रहा है? क्या यह भ्रष्टाचारियों को बचाने का प्रयास नहीं है. कांग्रेस का आरोप है कि बीजेपी वाले ऐसा कर रहे हैं? क्या बीजेपी ने वहां पैसा रखे हैं. राज्य में अभूतपूर्व संवैधानिक संकट उत्पन्न हो गया है. जैसे बंगाल में हुआ.

पहली बार आयकर की छापेमारी में सीआरपीएफ

आयकर विभाग की यह छापेमारी काफी गोपनीय थी. यहां तक की मध्यप्रदेश के आयकर अफसरों को कार्रवाई की जानकारी नहीं दी गई थी. दिल्ली की टीम ने मध्यप्रदेश पुलिस की भी मदद नहीं ली. पहली बार सीआरपीएफ को छापेमारी की कार्रवाई में शामिल किया गया.

कमलनाथ के करीबियों के 50 ठिकानों पर छापेमारी

बता दें, आयकर विभाग ने कमलनाथ के भांजे रातुल पुरी, निजी सचिव और पूर्व पुलिस अधिकारी प्रवीण कक्कड़, सलाहकार रहे राजेंद्र कुमार मिगलानी और भोपाल में प्रतीक जोशी और अश्विन शर्मा के करीब 50 ठिकानों पर छापेमारी की. अभी कई जगहों पर छापेमारी जारी है. आयकर विभाग को इस दौरान करोड़ों कैश के अलावा कई महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले हैं.