आज दुनिया भर में विश्व जल दिवस मनाया जा रहा है, ऐसे में आज हम बात करते हैं पड़ोसी देश पाकिस्तान की जो पानी की कमी से राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था, पारिस्थितिकी तंत्र और खाद्य सुरक्षा के लिए जूझ रहा है. 
आपको बता दें, 14 फरवरी 2019 को हुए पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारत ने सिंधु और उसकी सहायक नदियों से पाकिस्तान को जाने वाले पानी में कटौती की चेतावनी दी थी.
वहीं विश्व आर्थिक मंच की सर्वेक्षण रिपोर्ट (World Economic Forum’s survey) में कहा गया है कि भविष्य में जल संकट देश के लिए सबसे बड़ा खतरा होगा. पाकिस्तान काउंसिल ऑफ रिसर्च इन वाटर रिसोर्सेज (PCRWR) ने अपनी रिपोर्ट में पानी की अवस्था कमजोर दर्शाया है, जिसमें कहा गया है कि पाकिस्तान में 2025 तक शुष्क नीति और पानी की कमी से सूखा पड़ सकता है. 
रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान न केवल मीठे पानी के संसाधनों से बाहर चल रहा है, बल्कि पानी से संबंधित कई मुद्दों का भी सामना कर रहा है. यह बार-बार बताया गया है कि देश के कई हिस्सों में पानी की गुणवत्ता में कमी भी थी.
असुरक्षित पानी और खराब स्वच्छता के कारण दस्त से हर साल लगभग पांच हजार 39,000 बच्चे मर जाते हैं. यूनाइटेड नेशन डेवलपमेंट प्रोजेक्ट की हालिया रिपोर्ट में कहा गया है, "पानी से जुड़ी समस्याएं पाकिस्तान के सामने आने वाली प्रमुख चुनौतियों में से एक हैं.