ग्वालियर। 10 साल का इकलौता चिराग परिवार से पहले ही छिन चुका था। परिवार ने सूनेपन को दूर करने परिवार का ही मासूम गोद लिया। नीयती ने अब उस मासूम को भी छीन लिया। मंगलवार को केआरएच में इलाज न मिलने से डेढ़ साल के मासूम पीयूष की मौत हो गई। पीयूष के दुनिया छोड़ने की खबर सुनते ही माता-पिता टूट गए। रो-रोकर बुरा हाल था,अचानक से उनका कलेजे का टुकड़ा उनसे दूर हो गया।

सांस लेने में दिक्कत होने पर दोपहर 12 बजे केआरएच में पीयूष को भर्ती कराया और यहां डॉक्टर समझ ही नहीं पाए कि हुआ क्या है। देरशाम पीयूष ने दम तोड़ दिया। सूचना मिलते ही विधायक मुन्नालाल गोयल, जेएएच अधीक्षक सहित अधिकारी मौके पर पहुंच गए थे।

 

परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार रामकरण कुशवाह मजदूरी करने अपना परिवार चलाते हैं जो शिवपुरी लिंक रोड स्थित लक्ष्मणपुर पर रहते हैं। डेढ़ साल के पीयूष को उन्होने अपने बडे भाई से गोद लिया था। रामकरण के एकलौता बेटा ही था जो 10 साल की उम्र में दुनिया से चला गया था। दोपहर को पीयूष को सांस लेने में दिक्कत हुई तो रामकरण व उनकी पत्नी उसे लेकर केआरएच पहुंचे। यहां भर्ती कराया गया और उसे स्टाफ ने ऑक्सीजन लगाई। शाम चार बजे डॉक्टरों ने कहा कि पीयूष का एक्स-रे कराना होगा जिससे पता चलेगा कि उसके गले में क्या हुआ है।

परिजन रेडियोलॉजी विभाग पहुंचे तो वहां कर्मचारी अकेला मिला जिसने कहा कि वह अकेला है अभी एक्स-रे नहीं हो पाएगा। कर्मचारी ने पर्चे पर लिखकर भी दे दिया कि एक्स-रे अभी नहीं हो पाएगा। परिजन ने तीन बार चक्कर लगाए। इसके बाद यह बात डॉक्टरों को बताई लेकिन तब भी कोई ध्यान नहीं दिया गया। देर शाम पीयूष ने दम तोड़ दिया।

 

बाहर एक्स-रे कराते लेकिन ऑक्सीजन तक नहीं थी

परिजन ने बताया कि वे जेएएच के रवैए से परेशान होकर बाहर एक्स-रे कराने जा रहे थे, लेकिन पीयूष को ऑक्सीजन लगी थी और बाहर ले जाने के लिए ऑक्सीजन सिस्टम तक नहीं था। इसलिए बाहर एक्स-रे नहीं करा सके। अगर बाहर एक्स-रे कराने के दौरान ऑक्सीजन मिल जाती तो एक्स-रे हो जाता और परेशानी भी सामने आ जाती। देररात विधायक मुन्नालाल गोयल स्टाफ से इलाज के बारे में जानकारी ले रहे थे।

 

विधायक ने फोन पर मंत्री से कहा-यहां लापरवाही है

देररात ही विधायक मुन्नालाल गोयल ने चिकित्सा शिक्षा मंत्री विजयलक्ष्मी साधौ को फोन लगाकर पीयूष की मौत की घटना बताई और कहा कि जेएएच-केआरएच में लापरवाही के कारण बच्चे की मौत हो गई। यहां रवैया सुधारा जाए और कड़ी कार्रवाई हो।

 

अधीक्षक भी स्वीकार गए-हम बचा सकते थे जान

जेएएच में लापरवाही की बात अधीक्षक अशोक मिश्रा भी स्वीकार गए। उन्होने कहा कि रेडियोग्राफर का नाम प्रेम चंद पता चला है जिसने लिखकर दे दिया कि एक्सरे नहीं हो पाएगा। लापरवाही हुई है तभी बच्चे की मौत हुई है। इस मामले में रेडियोग्राफर को सस्पेंड कर अन्य दोषियों पर कार्रवाई होगी।