मध्यप्रदेश की देवास-शाजापुर लोकसभा सीट पर इस बार मुकाबला रोचक होने वाला है.यहां बीजेपी और कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर है.विधानसभा चुनाव के परिणामों ने सीट के सियासी समीकरण को बदलकर रख दिया है.मौजूदा चेहरों की विधानसभा में एंट्री होने की वजह से अब बीजेपी और कांग्रेस, लोकसभा के लिए नए चेहरे की तलाश में हैं.

परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई देवास लोकसभा सीट के अंतर्गत विधानसभा की 8 सीटें आती हैं. 2009 में कांग्रेस के सज्जन सिंह वर्मा ने यहां जीत दर्ज की थी. उसके बाद 2014 के चुनाव में भाजपा नेता मनोहर ऊंटवाल ने सज्जन सिंह वर्मा को हरा कर चुनाव जीता. हाल के विधानसभा चुनाव में ऊंटवाल ने विधानसभा चुनाव लड़ा और जीत गए. 2014 में सांसद का चुनाव हारे सज्जन सिंह वर्मा भी विधानसभा चुनाव लड़े और वो भी जीतकर कमलनाथ सरकार में मंत्री बन गए. इस तरह लोकसभा सीट के ये दो परंपरागत प्रतिद्वंद्वी अब विधायक बनकर विधानसभा में जा चुके हैं.