जबलपुर। दुधमुंही बच्ची को ट्रेन के शौचालय में छोड़ने का मामला सामने आया है। घटना सिहोरा स्टेशन की है। लोगों को उस वक्त पता चला जब बच्ची के रोने की आवाज ट्रेन के शौचालय से आई। लोगों ने इसकी जानकारी तत्काल जीआरपी पुलिस को दी। जिसके बाद जीआरपी ने बच्ची को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। यात्रियों से पूछताछ में पता चला कि एक दंपत्ति ट्रेन में सवार थे। जिनके बीच विवाद हो रहा था। विवाद इतना बढ़ा कि वे बच्ची को वहां छोड़कर चले गए।
जीआरपी से मिली जानकारी के अनुसर इटारसी से चलकर भोपाल जाने वाली विंध्याचल एक्सप्रेस में मंगलवार की देर रात सिहोरा स्टेशन पहुंचने वाली थे। ट्रेन रात ११.३० बजे के लगभग गोसलपुर पहुंची, तो लोगों ने शौचालय से बच्ची के रोने की आवाज सुनी। यात्रियों ने दरवाजा खोला तो देखा कि ७ माह की बच्ची फर्श पर लेटी रो रही थी। यात्रियों ने इसकी सूचना जीआरपी के शिवेंद्र सिंह और महेश कोष्टा को दी।
बच्ची को भेजा मेडिकल ...........
जीआरपी ने दुधमुंही बच्ची को सिहोरा स्टेशन पर पुलिस के हवाले कर दिया, ताकि उसका इलाज हो सके। बच्ची को तत्काल सिहोरा अस्पताल ले जाया गया। जहां चिकित्सकों ने उसका परीक्षण किया। डॉ. भरत खटीक ने बताया कि बच्ची पूरी तरह से स्वस्थ है, लेकिन बच्चे का प्रकरण होने की वजह से उसे मेडिकल कालेज अस्पताल भेज दिया गया है।
पिता पहुंचा जीआरपी ........... 
इसी बीच खमरिया निवासी श्याम सिंह खुद को बच्ची का पिता बताते हुए जबलपुर जीआरपी पहुंचा। उसने बताया कि पत्नी ने झगड़ा करने के बाद उसकी बेटी को ट्रेन के शौचालय में छोड़ दिया था। पुलिस ने दम्पती को थाने में रोक लिया है। बच्ची को भी जीआरपी लाया गया। सीडब्ल्यूसी में बच्ची का बच्ची का केस पेश किया गया है।