इंदौर  मध्य प्रदेश हाईप्रोफाइल इंदौर लोकसभा सीट कई मायनों में खास है। इस सीट की बात की जाये तो इस सीट ने इस देश को लोकसभा अध्यक्ष दिया । इंदौर को मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी  कहा जाता है, लेकिन राजनीतिक नजरिए से भी इस शहर की खासी अह‎मियत है। क्यों‎कि 16वीं लोकसभा की स्पीकर सुमित्रा महाजन इंदौर लोकसभा सीट से ही चुनकर आती हैं। इंदौर की जनता को भी  उनसे बहुत लगाव है,  ‎जिसका असर सु‎मित्रा महाजन के चुनावी नतीजों से ‎मिलता है। ताई (सु‎मित्रा महाजन) की लोक‎‎प्रियता का आलम यह है ‎कि यहां के लोग 8 बार से उनको अपना सांसद बना चुके हैं। सुमित्रा महाजन के राजनी‎तिक सफर पर नजर डालें तो इस सीट से कभी निराशा नहीं मिली। 1989 में उन्होंने यहां से पहला चुनाव लड़ा और फिर क्या था उसके बाद से तो यह सीट उन्हीं की हो गई। 1989 से लगातार वो यहां से सांसद हैं। 2014 के चुनाव में उन्होंने कांग्रेस के सत्यनारायण पटेल को 4 लाख से ज्यादा वोटों से हराया था। 
सुमित्रा महाजन ने 1989 के चुनाव में कांग्रेस नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश चंद्र सेठी को हराया। बता दें सुमित्रा महाजन इससे पहले इंदौर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र से वो लगातार तीन विधानसभा चुनाव हार चुकी थीं। सुमित्रा महाजन लगातार 1989 के चुनाव से यहां पर जीतती आ रही हैं। कांग्रेस ने उनको हराने की हर कोशिश की, लेकिन उसकी सारी कोशिश धरी की धरी रह गई।  ताई इससे पहले 1982-85 में इंदौर महापालिका में पार्षद रह चुकीं हैं। जब‎कि 1989 के पहले तक कांग्रेस ने इस सीट पर 6 चुनावों में जीत हासिल की। वर्तमान में वे भारत के लोकसभा की अध्यक्ष हैं। वे इस पद पर आसीन होने वाली भारत की दूसरी महिला हैं। इंदौर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत विधानसभा की 8 सीटें आती हैं। महेश्वर, भगवानपुरा, पानसेमल, कसरावाड़, सेंधावा, बदवानी, खरगौन, राजपुर यहां की विधानसभा सीटें हैं। यहां की 8 में से 6 सीटों पर कांग्रेस और 1 पर भाजपा का‎बिज, जबकि 1 सीट पर निर्दलीय विधायक है।
2011 की जनगणना के अनुसार इंदौर की जनसंख्या 34,76,667 है। यहां की ज्यादातर आबादी शहरी क्षेत्र में रहती ही। इंदौर की 82.21 फीसदी आबादी शहरी और 17.79 फीसदी आबादी ग्रामीण क्षेत्र में रहती है। यहां की 16.75 प्र‎तिशत आबादी अनुसूचित जाति के लोगों की है, जबकि 4.21 प्र‎तिशत जनसंख्या अनुसूचित जनजाति के लोगों की है। यहां पर 22,02,105 मतदाता हैं। चुनाव आयोग के आंकड़े के मुताबिक 2014 के चुनाव में यहां पर 21,15,303 मतदाता थे, इसमें से 10,08, 842 महिला और 11,06,461 पुरुष मतदाता थे। 2014 में इस सीट पर 62.25 फीसदी मतदान हुआ था।
वहीं ‎पिछले 
2014 के लोकसभा चुनाव में सुमित्रा महाजन ने कांग्रेस के सत्यनारायण पटेल को ‎‎शिकस्त दी थी। सुमित्रा महाजन को 8,54,972(64।93 फीसदी) वोट मिले थे। सत्यनारायण को 3,88,071(29।47 फीसदी) वोट मिले थे। सुमित्रा महाजन ने इस चुनाव में 4,66,901 वोटों से जीत हासिल की। इस चुनाव में आम आदमी पार्टी तीसरे स्थान पर रही थी। उसके खाते में 2.67 फीसदी वोट पड़े थे। इससे पहले 2009 के चुनाव में सुमित्रा महाजन ने सत्यनारायण पटेल को हराया था। 
75 साल की सुमित्र महाजन 16वीं लोकसभा की स्पीकर हैं। उनकी गिनती देश के दिग्गज नेताओं में की जाती है। वो पहली ऐसी महिला सांसद है जो लगातार पांच बार से ज्‍यादा चुनाव जीतीं। महाजन ने इंदौर यूनिवर्सिटी से एमए और एलएलबी की। उन्होंने 1989 में अपने ससुराल इंदौर से पहली बार चुनाव लड़ा। मराठी परिवार से ताल्लुक होने के चलते सुमित्रा की मराठी वोटों पर अच्छी पकड़ रही है। सुमित्रा वाजपेयी सरकार में 1999 से 2004 तक राज्‍यमंत्री रहीं।  सुमित्रा महाजन को उनके निर्वाचन क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए 25 करोड़ रुपये आवंटित हुए थे। जो कि ब्याज की रकम मिलाकर 26.02 करोड़ हो गई थी। इसमें से उन्होंने 21.61 यानी मूल आवंटित फंड का 84.46 फीसदी खर्च किया।