हिन्दू धर्म में अमावस्या तिथि को बहुत खास माना जाता है। पितृ-तर्पण, श्राद्ध आदि कार्यों के लिए यह दिन बहुत शुभ होता है। यूं तो साल के 12 महीनों में 12 अमावस्याएं आती हैं, लेकिन उनमें से कुछ श्राद्ध कर्म, पितृ-तर्पण आदि कार्यों के लिए बहुत खास मानी जाती हैं। फाल्गुन अमावस्या उन्ही में से एक है।

फाल्गुन अमावस्या - हिन्दू वर्ष के अंतिम माह, यानि फाल्गुन अर्थात फागुन माह में आने वाली अमावस्या को फाल्गुन अमावस्या या फाल्गुनी अमावस्या के रूप में जाना जाता है। फाल्गुन के कृष्ण पक्ष की पंद्रहवीं तिथि को फाल्गुनी अमावस्या मनाई जाती है। फाल्गुन अमावस्या के दिन कई धार्मिक तीर्थों पर बड़े-बड़े मेलों का आयोजन किया जाता है। जानिए इस वर्ष 2019 में कब आ रही है फाल्गुनी अमावस्या और क्या हैं इसके शुभ मुहूर्त -

2019 में फाल्गुन अमावस्या 6 मार्च 2019, बुधवार को है। इस दिन के विशेष मुहूर्त हैं -


अमावस्या आरंभ = 5 फरवरी 2019, मंगलवार को रात्रि 07:08 बजे।
अमावस्या समाप्त = 6 फरवरी 2019, बुधवार को रात्रि 09:34 बजे।

फाल्गुनी अमावस्या का महत्व
शास्त्रों में फाल्गुन मास में आने वाली इस फाल्गुनी अमावस्या बेहद महत्व है। इसका एक विशेष कारण यह भी है कि फाल्गुन कृष्ण पक्ष की अमावस्या के ठीक एक दिन पहले देवों के देव महादेव का पावन पर्व महाशिवरात्रि मनाई जाती है। चूंकि इसके साथ इतना पवित्र और शुभ दिन जुड़ा होता है, अत: कहा जाता है फाल्गुन अमावस्या के दिन गंगा स्नान करना और दान-पुण्य करना बहुत शुभ होता है।

इस दिन प्रयाग संगम पर स्नान का भी अति महत्व होता है। माना जाता है कि फाल्गुन अमावस्या पर देवताओं का निवास संगम तट पर होता है। और जब कुंभ का पवित्र आयोजन हो, तब तो इस संगम स्नान का महत्व कई गुना बढ़ जाता है।