जबलपुर। मध्यप्रदेश में पेंच टाइगर रिजर्व के बफर जोन में चली तूफानी हवा के बाद तेज बारिश और ओलावृष्टि के बाद सैकड़ों पंछियों की मौत हो गई। इनमें कई प्रजाति के पंछी थे। उधर, मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि मध्यप्रदेश के कई जिलों में फिर बारिश और ओलावृष्टि की आशंका है। जबलपुर में भी रविवार की सुबह गरज चमक के साथ बारिश हुई।
जबलपुर संभाग के सिवनी व छिंदवाड़ा जिले में स्थित पेंच टाइगर रिजर्व में ११०० से अधिक पक्षियों की मौत हो गई है। यह मौत शनिवार-रविवार की दरमियानी रात को अचानक हुई ओलावृष्टि से हुई है। बताया गया है ओला वृष्टि के दौरान पक्षी रात को वृक्षों पर थे। अचानक हुई बारिश से उनकी मौत हो गई। इसकी जानकारी अलगी सुबह लगी, जब पेंच टाइगर रिजर्व के कर्मचारियों ने मृत पक्षियों को देखा।
अचानक हुई ओला वृष्टि से मौत............
पेंच टाइगर रिजर्व के छिंदवाड़ा जिले के क्षेत्र में खमारपानी बफर से लगे खमारपानी व कन्हरगांव के राजस्व क्षेत्र में हुई बारिश और ओलावृष्टि से लगभग ११०२ पक्षियों की मौत हो गई है। अचानक ओलावृष्टि और तेज हवा के साथ बारिश में एक हजार से अधिक बगुले, तोते और कौओं की मौत हो गई। इसके साथ ही ओलावृष्टि का कहर फसलो पर भी 
पड़ा। सैकड़ों एकड़ में फैली फसलों को भी नुकसान हुआ है।
इन पक्षियों की हुई मौत...........
पेंच टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर विक्रम सिंह परिहार ने बताया कि पेंच टाइगर रिजर्व के खमारपानी बफर परिक्षेत्र के तहत खमारपानी एवं कन्हरगांव गांव के राजस्व क्षेत्र के खेतों में हुई ओलावृष्टि से ग्राम खमारपानी में ५९० बगुले और कन्हरगांव में ३६० तोते, १५२ कौए मारे गये है। उन्होंने बताया कि मृत पक्षियों को वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियिम १९७२ के तहत एकत्र कर उनका शव परीक्षण वन्यप्राणी पशु चिकित्सक डॉ. अखिलेश मिश्रा से कराया गया। शव परीक्षण के बाद मृत पक्षियों को वरिष्ठ अधिकारियों एवं समस्त स्टॉफ के समक्ष जलाने की कार्रवाई की गई है।