मध्य प्रदेश के खंडवा में स्थित ओम्कारेश्वर ओंकारेश्वर मंदिर में महाशिवरात्रि  के अवसर पर देशभर से श्रद्धालुओं के जुटने का ससिलसिला रविवार रात से ही शुरू हो गया है. भगवान भोले नाथ के दर्शन और पूजन करने के लिए महिला, पुरुष और बच्चे तड़के सुबह से ही खड़े हैं. पूरा मंदिर परिसर ॐ नमः शिवाय और हर-हर महादेव के नारों के साथ गूंज रहा है. मां नर्मदा के तट पर बसा भगवान भोलेनाथ का यह एक मात्र ज्योतिर्लिंग है, जहाँ दर्शन मात्र से ही भक्तों का कल्याण हो जाता है. भक्तों के लिए आज दिनभर मंदिर के पट खुले रहेंगे. शाम के बाद भगवान की शाही सवारी निकालकर देर रात विवाह का कार्यक्रम आयोजित होगा.

बता दें कि महाशिवरात्रि को भगवान शिव की आराधना का मुख्य त्योहार माना जाता है. भगवान शिव को महाशिवरात्रि बहुत प्रिय है. शिवपुराण के ईशान संहिता में कहा गया है कि इसी दिन शिव करोड़ों सूर्य के समान प्रभाव वाले सूर्य के रूप में अवतरित हुए थे. इसी दिन उनका और माता पार्वती का विवाह भी हुआ था. महाशिवरात्रि के दिन व्रत रखने की परंपरा देश के कोने-कोने में लंबे समय से चली आ रही है.