नई दिल्ली । मारुति ने अपनी पॉप्युलर ऑफ रोड एसयूवी मारुति सुजुकी का प्रॉडक्शन बंद कर दिया है। कंपनी ने ईमेल के द्वारा डीलरशिप्स को यह जानकारी दी। ईमेल में बताया गया कि कंपनी ने मारुति सुजुकी जिप्सी का प्रॉडक्शन बंद कर दिया है और डीलरशिप्स अब इसके बुकिंग ऑर्डर्स रिसीव न करें। मारुति सुजुकी पिछले तीन दशक से भारतीय बाजार में मौजूद थी। जिप्सी को 1985 में लांच किया गया था और इसे शुरुआती वर्षों में अच्छी सफलता मिली थी। इसके बाद में डीजल से चलने वाली एसयूवी के आने के बाद यह केवल भारतीय सेना की पसंदीदा रह गई थी। मारुति सुजुकी को सेना से जिप्सी का पहला ऑर्डर 1991 में मिला था। इसके बाद से कंपनी सेना को 35,000 से ज्यादा जिप्सी की सप्लाई कर चुकी है। कंपनी को जिप्सी के लिए सबसे बड़ा ऑर्डर सेना से पिछले वर्ष 4,000 यूनिट्स से ज्यादा का मिला था। वीइकल्स की जीएस 500 कैटिगरी में जिप्सी की मोनोपॉली रही है। यह कैटिगरी अधिकतम 500 किलोग्राम के पेलोड वाले वीइकल्स की होती है। जानकारी के मुताबिक,सरकार ने अब जीएस 800 (800 किलोग्राम तक का पेलोड) की एक नई कैटिगरी शुरू की है, लेकिन जीएस 500 कैटेगरी को हटाने के बारे में सेना या मिनिस्ट्री से अभी कोई जानकारी नहीं मिली है। इस वजह से हम यह नहीं कह सकते कि जिप्सी का सफर समाप्त हो गया है।' 
मारुति सुजुकी जिप्सी लंबे समय तक इंडियन आर्मी का हिस्सा रही। हालांकि बाद में इंडियन आर्मी ने महिंद्रा स्कॉर्पियो और टाटा सफारी से अपनी वीइकल्स को रिप्सलेस किया। पर हाल ही में सेना ने 3,200 मारुति सुजुकी का ऑर्डर दिया था। सेना शहर की सड़कों से लेकर पहाड़ों और रेगिस्तान तक में इस ऑल-पर्पज वीइकल का इस्तेमाल करती है। इसमें मिलिट्री इक्विपमेंट को ले जाने के लिए बैक साइड पर हुक भी लगे होते हैं।