महाशिवरात्रि का त्‍योहार इस वर्ष 4 मार्च, सोमवार को है। इस दिन देश भर के मंदिरों में शिवलिंग पर जलाभिषेक किया जाता है। वहीं कुछ लोग इस अवसर पर अपने घर में भी शिवलिंग की स्‍थापना करते हैं। घर को लेकर बनाए गए वास्‍तु में ही वस्‍तु के लिए एक विशेष दिशा का निर्धारण किया गया है। अगर आप भी अपने घर में शिवलिंग को स्‍थापित करने के बारे में सोच रहे हैं तो यह वास्‍तु सम्‍मत होनी चाहिए। अन्‍यथा आपको शुभ फल की बजाए अशुभ परिणाम भी प्राप्‍त हो सकते हैं।
यह दिशा है सर्वथा शुभ 
अगर आप घर में शिवलिंग स्थापित करने जा रहे हैं तो आप शिवलिंग की स्थापना इस प्रकार से करें कि पूजा करते समय आपका मुख दक्षिण दिशा में रखें। इसे ऐसी जगह पर स्थापित न करें जहां पर अंधेरा रहता हो, इसे खुली जगह पर स्थापित करने से लाभ होता है। जिस स्थान पर शिवलिंग स्थापित किया जाता है उससे पूर्व में मुख करके पूजा करना सही नहीं माना जाता है। शिवलिंग के उत्‍तर में भी नहीं बैठना चाहिए, क्‍योंकि इस दिशा में भगवान का बांया अंग होता है और शक्तिस्‍वरूपा मां उमा का स्‍थान होता है। वहीं शिवलिंग के पश्चिम में बैठकर भी पूजा नहीं करनी चाहिए, क्‍योंकि इस दिशा में पूजा करने से अशुभ फल की प्राप्ति होती है।
नियमित रूप से करें अभिषेक 
घर में एक बार शिवलिंग की स्‍थापना करने के बाद नियमित तौर पर उसका अभिषेक करना अनिवार्य होता है। ऐसा न करने से घर में दोष लगने लगता है और घर के सदस्यों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

इस मंत्र का करें जप 
पूजा प्रारंभ करने के बाद रोजाना इस मंत्र का जप अवश्‍य करें।

स्वस्ति न इन्द्रो वृद्धश्रवाः, स्वस्ति ना पूषा विश्ववेदाः,
स्वस्ति न स्तारक्ष्यो अरिष्टनेमि स्वस्ति नो बृहस्पति र्दधातु।।
इसके बाद शिवलिंग का पंचामृत से अभिषेक करें और बेलपत्र चढ़ाएं, अंत में भगवान शिव के सबसे प्रमुख महामृत्युंजय मंत्र का जप करें।
सदैव प्रवाहित रहे जलधारा 
वास्‍तु में बताया गया है कि शिवलिंग से हर वक्‍त ऊर्जा का संचार होता है, ऊर्जा की इतनी मात्रा का संतुलन बनाए रखने के लिए शिवलिंग पर जलधारा का प्रवाह बने रहना चाहिए। याद रखें कि घर में शिवलिंग स्‍थापित करें तो उस पर जलधारा की भी व्‍यवस्‍था बनाकर रखें।