जबलपुर। उसे चंद घंटे भी नहीं हुए थे दुनिया में आए। बेटी थी ना, इसलिए उसे अपनों ने ही मरने के लिए नाले में फेंक दिया, लेकिन वह बड़ी किस्मत वाली निकली। उसे अपनाने के लिए लाइन लग गई। जिसे पहली किलकारी के बाद ही जन्म देने वाली मां की गोद से अलग कर दिया गया, उसकी किलकारी एक दूसरी मां के कानों में पड़ी, वो उसके लिए फरिश्ता बन गई। कोई 60 हजार को कोई एक लाख रुपए तक देने तैयार था। मगर बचाने वाले दंपती ने अपना फर्ज अदा किया और उसे इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती करा दिया गया।

यह घटना है गोरखपुर पोस्ट ऑफिस के पास राय कैफे के पीछे का। यहां रहने वाली सुरिंदर कौर और उनकी बेटी शिवानी कौर ने बताया कि शुक्रवार को करीब एक बजे उन्हें पड़ोसन ने बताया कि नाले से किसी बिल्ली के बच्चे जैसी आवाज आ रही है। उसके बाद जाकर देखा तो नवजात नजर आई। आनन-फानन में उसे कपड़े में लेपटकर अस्पताल पहुंचे। जहां इलाज चल रहा है।