जबलपुर। म.प्र. भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण रेरा के अध्यक्ष श्री अन्टोनी डिसा तथा छत्तीसगढ़ रेरा के अध्यक्ष श्री विवेक ढांड ने रेरा एक्ट के क्रियान्वयन तथा आवंटियों को त्वरित राहत प्रदान करने के संबध में चर्चा की।  बैठक के  दौरान  उन्होंने अपने-अपने राज्यों में रेरा एक्ट  के  अनुभवों और आवंटियों  के  हित में किये जा रहे  प्रयासों  को  भी   साझा  किया। बैठक में रेरा एक्ट के बेहतर क्रियान्वयन के लिये मध्यप्रदेश तथा छत्तीसगढ़ राज्य के विशेषज्ञों को अध्ययन के लिये एक-दूसरे के राज्य में भेजने पर सहमति बनी।
म.प्र. रेरा अध्यक्ष श्री अन्टोनी डिसा ने प्रदेश में रेरा एक्ट के क्रियान्वयन के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि रेरा एक्ट के समुचित क्रियान्वयन से आवासीय क्षेत्र में बदलाव आयेगा। इससे बिल्डरों को ज्यादा से ज्यादा खरीददार मिलने के साथ ही बाजार में मांग भी बढ़ेगी।
मध्यप्रदेश तथा छत्तीसगढ दोनों ही राज्य रेरा एक्ट के क्रियान्वयन में अग्रणी रहे हैं। दोनों के रेरा प्राधिकरणों ने, स्थापना की अल्प अवधि के दौरान ही अपने कार्यों से देश में विशिष्ट पहचान बनाई हैं।
इस मौके पर म.प्र. रेरा के सदस्य (विधि) श्री दिनेश कुमार नायक, सदस्य (तकनीकी) श्री अनिरूद्ध डी.कपाले, सचिव चन्द्रशेखर वालिम्बे तथा मुख्य प्रशासनिक अधिकारी श्री प्रदीप जैन भी मौजूद थे।