नई दिल्ली । आप बाजार में कपड़े खरीदने जाते हैं तो आपका सामना स्मॉल, मीडियम, लॉर्ज, एक्सएल, डबल-ट्रिपल एक्सएल जैसी जो पोशाकों से होता है। लेकिन अब आपको इससे निजात मिलनेवाली है। अब भारतीय कद-काठी के अनुरूप नाप वाली पोशाक जल्द बाजार में आ सकती हैं। इसके लिए मार्च में दिल्ली समेत छह बड़े शहरों में नापजोख का काम शुरू होगा और अप्रैल से भारतीय नाप वाली पोशाकें बाजार में आ सकती हैं। इस समय पोशाकें बाजार में हैं, वे पश्चिमी देशों के लोगों की कद-काठी पर आधारित होती हैं, जो अक्सर भारतीयों को फिट नहीं बैठती हैं और उनमें या तो कांटछांट करानी पड़ती है या उन्हें लौटाना पड़ता है। मंत्रालय के एक अधिकारी ने रविवार को कहा कि इंडियन साइज का चार्ट जल्द जारी होगा और देश का कपड़ा उद्योग इसे अपनाएगा। कपड़ा सचिव राघवेंद्र सिंह ने कहा कि इससे देश के रेडीमेड क्षेत्र के खुदरा बाजार खासकर छोटे कारोबारी लाभान्वित होंगे, जो खुद पोशाकें तैयार करते हैं और बाजार में बेचते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस कदम से ऑनलाइन शॉपिंग कंपनियों को सबसे बड़ा फायदा होगा, क्योंकि अभी उनके द्वारा बेचे गए कपड़ों में 20 से 40 फीसदी लौटा दिए जाते हैं। यह विदेशी साइज चार्ट के आधार पर तैयार होते हैं। दुकानों से खरीदे सामान भी बड़ी संख्या में वापस होते हैं और इससे दस से 15 हजार करोड़ रुपये के कारोबार का नुकसान होता है। दिल्ली(उत्तर), मुंबई(पश्चिम), कोलकाता(पूर्व), हैदराबाद(मध्य भारत), बेंगलुरु (दक्षिण) और शिलांग (पूर्वोत्तर) में 25 हजार लोगों की कद-काठी की शारीरिक नापजोख की जाएगी। इसके लिए थ्रीडी होल बॉडी स्कैनर होगा और कंप्यूटर के जरिये नए मेजरमेंट तैयार होंगे।