लोकसभा चुनाव 2019 के लिए बीजेपी अपने कुनबे को सहेज कर रखने के साथ-साथ नए सहयोगियों को साथ जोड़ने के मिशन पर जुटी है. महाराष्ट्र में शिवसेना के साथ गठबंधन के ऐलान के एक दिन बाद मंगलवार को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने तमिलनाडु में ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कझगम (AIADMK) के साथ मिलकर चुनाव लड़ने की घोषणा करने वाले थे, इनमें पीएमके और डीएमडीके जैसे दल को भी लेने की बात थी. लेकिन अमित शाह के चेन्नई पहुंचने से पहले पीएमके ने अपनी डिमांड रखकर उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया है.

पीएमके ने गठबंधन का हिस्सा बनने के लिए पांच लोकसभा सीट और एक राज्यसभा सीट की मांग रखी है, लेकिन बीजेपी और AIADMK उन्हें महज तीन लोकसभा सीटें देने को तैयार हैं. ऐसे में मंगलवार को बीजेपी और AIADMK गठबंधन का ऐलान फिलहाल खटाई में पड़ गया है. अमित शाह का चेन्नई जाने का कार्यक्रम मुल्तवी कर दिया गया है.

तमिलनाडु में बीजेपी, AIADMK, पीएमके और डीएमडीके के साथ कई अन्य दल मिलकर चुनावी मैदान में उतरेंगे. बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह तमिलनाडु में AIADMK सहित छोटे दलों के साथ गठबंधन का ऐलान करने वाले थे. इससे पहले खबर आई थी कि बीजेपी और AIADMK सहित बाकी दलों के बीच सीट शेयरिंग फॉर्मूला भी तय हो गया है. बीजेपी और AIADMK  दोनों पार्टियां अपने हिस्से में से सहयोगी छोटी पार्टियों को भी सीटें देने वाली थीं.

इस फॉर्मूले के मुताबिक सूबे की कुल 39 लोकसभा सीटों में से AIADMK को सबसे ज्यादा 25 सीटें मिलनी थीं. AIADMK अपने कोटे की 25 सीटों में से जीके वासन की टीएमसी, एन रंगास्वामी की एनआरसी और के कृष्णास्वामी की पीटी जैसी पार्टियों को सीटें देने वाली थी.

वहीं, बीजेपी के कोटे में 14 सीटें आई थीं. इनमें से बीजेपी 8, पीएमके 3 और डीएमडीके को 3 सीटें दी जानी थीं. इसके अलावा पुडुचेरी की एकमात्र सीट को भी गंठबंधन का हिस्सा बनाया गया है जो पीएमके के खाते में जाने की बात कही जा रही थी. हालांकि, पीएमके ने अपनी मांग जाहिरकर फिलहाल इस फॉर्मूले पर सहमत होने से इनकार कर दिया है.

तमिलनाडु में 2019 की सियासी लड़ाई काफी दिलचस्प होती हुई नजर आ रही है. डीएमके ने जहां कांग्रेस के साथ गठबंधन किया है तो बीजेपी के सामने AIADMK समेत छोटे दलों को मिलाकर चुनावी मैदान में उतरने की चुनौती है.