नई दिल्ली । 15 से 40 साल की उम्र की महिलाओं के बीच यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (यूटीआई) एक आम रोग बन चुका है। इस रोग का सबसे बड़ा और सामान्य कारण है गंदे शौचालयों का इस्तेमाल करना। यह रोग हालांकि बहुत खतरनाक नहीं है लेकिन अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए तो यह किडनी तक को प्रभावित कर सकता है। कुछ सावधानियां बरतकर (यूटीआई) से बचा जा सकता है। गंदे शौचालयों के इस्तेमाल के अलावा यूटीआई का एक और प्रचलित कारण है वेस्टर्न स्टाइल के टॉइलट का इस्तेमाल करना जहां इस संक्रमण का जोखिम अधिक होता है। 15 से 40 की उम्र के बीच यह समस्या अधिक देखी जाती है। डाक्टर्स की माने तो 'बुनियादी तौर पर  यूटीआई की समस्या मूत्रत्याग के समय किसी भी प्रकार की बाधा के कारण होती है। लेकिन शौचालय का इस्तेमाल करते वक्त स्वच्छता का ध्यान ना रखना इस संक्रमण का आम कारण है। टॉइलट से फैलने वाले संक्रमण के अलावा यूटीआई  का कारण गर्मियों में दूषित पानी का सेवन, डिहाइड्रेशन और नियंत्रित मधुमेह भी हो सकता है।' एक रिपोर्ट के अनुसार, गंदे शौचालयों का इस्तेमाल करने या फिर शौचालयों की कमी जैसे कारणों की वजह से भारत में लगभग 50 फीसदी महिलाएं यूटीआई से पीड़ित हैं। यूरॉल्जिस्ट बताते हैं, ‘पुरुषों की तुलना में महिलाएं इस रोग से अधिक प्रभावित होती हैं। खासतौर पर युवतियों में यूटीआई की शिकायत बहुत आम है।