मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कमलनाथ पर हमला बोला है. उन्होंने पलटवार किया है कि बीजेपी कोई रसगुल्ला नहीं है. पार्टी का कार्यकर्ता पूरी तरीके से अनुशासित और समर्पित है. दरअसल, बीजेपी के दिग्गज नेता रहे रामकृष्ण कुसुमारिया कांग्रेस में शामिल हो गए हैं. जिस पर छिंदवाड़ा में कमलनाथ ने कहा कि अभी तो ये ट्रेलर है, आगे-आगे देखिए होता है क्या. कमलनाथ के इसी बयान पर शिवराज प्रतिक्रिया दे रहे थे.

वहीं शिवराज ने प्रदेश में लगातार हो रहे पुलिस अफसरों के तबादलों पर भी कमलनाथ सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि बार-बार के तबादलों से अफसरों का मनोबल गिरता है. तबादलों के जरिए अराजकता का माहौल बन रहा है. मुख्यमंत्री के नाम पर कोई सुपर पावर तबादलों में जुटा है. शिवराज ने यह भी कहा कि 15 दिन में अफसर को बदल देने से प्रशासनिक व्यवस्था पर बुरा असर पड़ता है.
शिवराज सिंह चौहान ने यह भी कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री कमलनाथ से मिलने का समय मांगा है. वे किसानों के मुद्दे पर मुलाकात कर अपनी बात रखेंगे. और प्रदेश में धान खरीदी में किसानों की शिकायतों की जानकारी देंगे. शिवराज ने किसान कर्ज माफी के मामले में कांग्रेस सरकार से स्पष्ट नीति बनाने की मांग की है. और 10 दिन में कर्ज माफी के ऐलान पर अमल नहीं होने पर सवाल उठाए हैं.
उधर कमलनाथ सरकार में वित्त मंत्री तरुण भनोट ने तबादलों पर बयान दिया है कि सरकार बदलती है तो अधिकारी भी बदलते हैं. ऐसा पहली बार किसी राज्य में नही हो रहा है. बीजेपी शासनकाल मे भी अधिकारियों के तबादले होते थे. उन्होंने कहा कि सरकार मे कोई सुपर पावर नहीं है. सीएम कमलनाथ 9 बार लगातार सांसद रहे हैं उन्हें किसी सुपर पावर की जरूरत नही है.