इन्दौर ,  उच्च शिक्षा मंत्री श्री जीतू पटवारी ने कहा है कि हमारा प्राचीन भारतीय ज्ञान ही आधुनिक विज्ञान का आधार है। यह हमारी भारतीयता की पहचान है। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिवेश में शिक्षा में भारतीय परंपरागत ज्ञान और नैतिक मूल्यों के समावेश की जरूरत है।  श्री पटवारी गत दिवस अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विश्विवद्यालय भोपाल मे  भारतीय इतिहास अनुसंधान परिषद‌ के  संयुक्त तत्वावधान में मैपकास्ट में 'भारतीय वांग्मय में विज्ञान और तकनीकी : अनुसंधान एवं अनुशीलन'' विषय पर आयोजित संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे।
मंत्री श्री पटवारी ने कहा कि शून्य की खोज भारत का पेटेंट है। उन्होंने कहा कि समाज के हर क्षेत्र में नित नये शोध हो रहे हैं, जिनके परिणाम को व्यवहार में लाना जरूरी है। उन्होंने बताया कि मातृभाषा हिंदी के विस्तार के साथ हिंदी विश्वविद्यालय के उद्देश्य के प्रति राज्य सरकार गंभीर है और पूरी तरह समर्पित है।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रामदेव भारद्वाज ने कहा कि भारत में ज्ञान-विज्ञान का करोड़ों साल पुराना भण्डार छिपा हुआ है।  इंदिरा गांधी मुक्त विश्वविद्यालय के प्रो. कपिल कुमार ने बताया कि भाषा हमारा गौरव है। विदेशी भाषाओं के पहले हमें अपनी मातृभाषा, परंपरा और संस्कृति को समझना होगा। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद् के अध्यक्ष प्रो. अनिल सहस्त्र बुद्धे ने कहा कि विज्ञान में भारतीय परंपरा विश्व की सबसे प्राचीन पद्धति है। 
इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री श्री जीतू पटवारी ने विश्वविद्यालय की प्रवेश विवरणिका और अटल वार्ता पत्रिका का विमोचन किया।