भोपाल । उत्तर भारत की तरफ से आ रही बर्फीली हवाओं से प्रदेश में एक बार फिर ठिठुरन बढ़ गई है। इसके चलते राजधानी में शीतलहर चली। राजधानी में ठंड का 7 वर्ष का रिकॉर्ड टूट गया है। ठंड इतनी जबर्दस्त है कि शाम होते ही कॉलोनियों में सन्नाटा पसर जाता है। लोग बहुत जरुरी होने पर ही घर से बाहर निकल रहे हैं, अन्यथा घरों में दुबके रहना ही बेहतर समझ रहे हैं। शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात का तापमान 5.8 डिग्री से. दर्ज हुआ, जो सामान्य से 5 डिग्री से. कम रहा। साथ ही गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात के मुकाबले 2.8 डिग्री से.कम रहा। इसके पहले 10 फरवरी 2012 को भोपाल का न्यूनतम तापमान 5.4 डिग्रीसे. दर्ज हुआ था। मौसम विज्ञानियों ने ठंड के तेवर अभी और तीखे होने की संभावना जताई है। 
    मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ के असर से पिछले दिनों उत्तर भारत में जबरदस्त बर्फबारी हुई है। इसके अतिरिक्त पिछले दिनों कई स्थानों पर बरसात के साथ ही ओलावृष्टि भी हुई है। साथ ही पश्चिमी विक्षोभ का असर समाप्त होते ही हवा का रुख उत्तरी हो गया है। जिसके चलते बर्फीली हवाओं ने प्रदेश में ठिठुरन बढ़ा दी है। वरिष्ठ मौसम विज्ञानी उदय सरवटे ने बताया कि प्रदेश में कोई भी वेदर सिस्टम सक्रिय नहीं है। इस वजह से अभी दो दिन तक ठंड से राहत मिलने के आसार नहीं हैं। मंगलवार से एक पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम के मिजाज में बदलाव आएगा। इससे ठंड से कुछ राहत मिलेगी। लेकिन उसके बाद एक बार फिर पूरे प्रदेश में बरसात होने की संभावना बनेगी। साथ ही कहीं-कहीं ओला वृष्टि होने की आशंका है। उधर, शनिवार को भोपाल का अधिकतम तापमान 20.4 डिग्रीसे. रिकार्ड हुआ, जो सामान्य से 6 डिग्रीसे.कम रहा। शनिवार को भोपाल, इंदौर, रीवा, जबलपुर, सतना, सागर, राजगढ़, शाजापुर, श्यौपुरकला, नौगांव, सिवनी, मलाजखंड में शीतल दिन रहा।