वसंत पंचमी यानी माघ मास की शुक्ल पंचमी तिथि को ज्ञान की देवी सरस्वती की पूजा का विधान है। ज्योतिषशास्त्र में इसे सर्वसिद्ध मुहूर्त माना गया है यानी इसदिन बिना मुहूर्त देखे किसी काम की शुरुआत कर सकते हैं। लेकिन वर्ष बसंत पंचमी पर कई शुभ योगों की उपस्थिति से इसका महत्व और बढ गया है। 10 फरवरी को बसंत पंचमी के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग, शुभ योग, रवि योग, साध्य योग भी बन रहे हैं। इन 4 महायोगों की वजह से इस दिन सरस्वती पूजा के अलावा शुभ कार्यों का आरंभ करना बहुत ही उत्तम रहेगा। इस मुहूर्त और योग में बच्चों की शिक्षा का आरंभ करवाना बहुत ही उत्तम रहेगा।

विवाह और गृह प्रवेश के लिए भी यह अच्छा संयोग है। इसदिन बिना पंचांग देखे गठबंधन किया जा सकता है। अगर आप नया कारोबार शुरू करना चाह रहे हैं तो इस दिन का लाभ उठा सकते हैं। इस दिन शुरू किया गया करोबार लाभप्रद और उन्नतिदायक हो सकता है।
वाहन की खरीदारी और शादी-विवाह के लिए गहने-जेवर भी इस अवसर पर खरीदे जा सकते हैं। पंचांग के अनुसार बसंत पंचमी पर बना शुभ संयोग खरीदारी के लिए भी उत्तम है। इस शुभ मुहूर्त में छात्र देवी सरस्वती को प्रसन्न करने के लिए मां सरस्वती की पीले फूलों से पूजा करें। विवाहित लोगों को देवी सरस्वती के साथ कामदेव और रति की भी पूजा करनी चाहिए ताकि काम भाव पर मन का नियंत्रण रहे और प्रेम के पथ विवेक पूर्ण निर्णय ले पाएं।

जिन विद्यार्थियों का पढ़ाई में मन नहीं लगता, वह अपने अध्ययन कक्ष के उत्तर पूर्व दिशा में मां सरस्वती की प्रतिमा स्थापित करें। इसके बाद पीले रंग के कागज पर लाल रंग की कलम से 11 बार ओम ऐं सरस्वत्यै नम: मंत्र लिखें।

बसंत पंचमी के दिन गुरु से आशीर्वाद लें और उन्हें कुछ उपहार दें। इस दिन गुरु का आशीष लेने से विद्यार्थी ज्ञानवान व एकाग्रचित्त बनता है ऐसी मान्यता है। जीवन में आनंद और उत्साह के लिए इस दिन पीले रंग के फूल का पौधा लगाना चाहिए। वास्तु के हिसाब से पीले रंग का फूल बहुत शुभ माना जाता है। इसे घर में लगाने से आपकी किस्मत बुलंद रहती है और सारे काम समय पर होते हैं। ऐसे में इस शुभ संयोग का आप लाभ उठाएं।