रायपुर। छत्तीसगढ़ में 15 साल के बाद सत्ता में आई कांग्रेस सरकार ने अपने पहले बजट में ही राज्य में यूनिवर्सल पीडीएस स्कीम लागू करने के लिए प्रावधान कर दिया है। अब राज्य में प्रत्येक परिवार को 1 रुपये प्रति किलो की दर से प्रतिमाह 35 किलो चाहल मिल सकेगा। यह व्यवस्था सभी परिवारों के लिए लागू होगी। कोई भी व्यक्ति सिर्फ राशन कार्ड के आधार पर इस सुविधा का लाभ ले सकेगा। यह योजना कांग्रेस के चुनावी एजेंडे में प्रमुखता के साथ रखी गई थी। इसके लिए मुख्यमंत्री खाद्यान योजना में 4 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल बतौर वित्त मंत्री विधानसभा में अपना पहला और राज्य का 19वां बजट पेश किया। लोकसभा चुनाव के पहले पेश हुए इस बजट पर प्रदेश के हर वर्ग की निगाहें हैं। भूपेश ने अपने बजट भाषण में आगे कहा कि धान हमारे राज्य की प्रमुख फसल है, लेकिन धान की कीमत कम होने की वजह से हमारे राज्य के किसानों की आर्थिक स्थिति खराब हो गई। हमने इसी बात को देखते हुए धान के समर्थन मूल्य में वृद्घि की है। इस बजट में किसानों के कई बड़ी घोषणाएं की गई हैं। कृषि बजट को पिछले बजट की तुलना में डेढ़ गुना बढ़ाया गया है। सीएम ने भाषण में कहा कि 1542 करोड़ का प्रावधान मनरेगा के लिए किया गया है।
मनरेगा को कृषि से जोड़ा जाएगा। प्रशिक्षण के बाद दो लाख युवाओं को रोजगार मिलेगा। रसोइयों का मानदेय 1200 से बढ़ाकर 1500 रुपए किया गया है। गोबर गैस प्लांट के लिए हर गांव में 10 युवा को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इनको कौशल विकास योजना में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे दो लाख युवाओं को रोजगार मिलेगा। आंगनबाड़ी को नर्सरी की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। गांव की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए सुराजी योजना शुरू होगी। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के लिए 120 करोड़ का प्रावधान किया गया है। सभी गांवों में जल संचय को बढ़ाया जाएगा। गन्नो के बोनस के लिए 50 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने अपने बजट भाषण में कहा कि 20 लाख किसानों का 10 करोड़ रुपए का कर्ज माफ हुआ है। गिरौदपुरी भंडारपुरी के विकास के लिए 5 करोड़ और दामाखेड़ा के विकास के लिए 5 करोड़ का प्रावधान किया गया है। सोया और गन्नो की फसल पर प्रोत्साहन दिया जाएगा। म-ा खरीदी को और व्यवस्थित किया जाएगा। दुर्ग और शाजा में खुलेंगे नए कृषि महाविद्यालय खोले जाएंगे। बिजली बिल 400 यूनिट तक आधा होगा, यह एक मार्च 2019 से लागू होगा। पुलिस को रिस्पांस भत्ता मिलेगा। प्रदेश में 50 नए फूड पार्क बनाए जाएंगे, छात्रवृत्ति में वृद्घि की जाएगी। मध्यान भोजन बनाने वालों का भत्ता बढ़ेगा। कृषि विभाग का नाम बदलेगा। सरकार ने कृषि बजट में 21597 का प्रवधान किया है, जो पिछले बजट की तुलना में 10 गुना ज्यादा है।
सीएम ने कहा कि छत्तीसगढ़ की आर्थिक विकास दर कम है। 96887 रुपये प्रति व्यक्ति आय का अनुमान है। हमनें किसान और अल्प आय वाले का बजट में पूरा ध्यान रखा है। धान के लिए 5000 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। विधायकों को अपने क्षेत्र में कार्य करवाने के लिए विधायक निधि की राशी एक करोड़ से बढ़ाकर दो करा़ेड किया गया है। सीएम भूपेश ने अपने भाषण में कहा कि हमने वादों पर अमल करना शुरू कर दिया है। एक-एक पाई जनता की भलाई पर खर्च की जाएगी। बजट किसान और कृषि पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि व्यावसायिक बैंक के 4 हजार करोड़ अल्पकालीन कर्ज माफ होगा। 2019-20 में 2500 रुपये में धान खरीदी होगी।