इन्दौर । न्याय सबके लिए है साथ ही न्याय प्राप्त करने का अधिकार भी सबको समान रूप से ही प्राप्त है। कोई व्यक्ति गरीबी अशिक्षा या किसी योग्यता के कारण न्याय प्राप्त करने में वंचित ना हो इसके लिए भारतीय संविधान में ऐसे वंचितों को निशुल्क विधिक सहायता तहसील जिला न्यायालय से लेकर हाई कोर्ट व सुप्रीम कोर्ट तक व्यवस्था बनाई गई है। विधिक सेवा प्राधिकरण और समितियों की स्थापना देशभर में की गई है। हम सब मिलकर जरूरतमंदों को न्याय दिलाएं और हमारे समाज को योग्य और समान अधिकार वाला बनाएं। 
यह बातें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा ग्राम दूधिया में आयोजित साक्षरता शिविर में जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुशील कुमार शर्मा ने अपने संबोधन के दौरान कही। लीगल वालंटियर कमलेश्वर सिंह सिसोदिया जिला विधिक सहायता अधिकारी सुभाष चौधरी ने बताया कि विधिक सहायता शिविर में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण वैभव मंडलोई, विशेष न्यायाधीश विनोद कुमार द्विवेदी, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एमके शर्मा आदि ने सैकड़ों ग्रामीण जनोंं, लीगल वालंटियर और बड़ी संख्या में मौजूद लॉ स्टूडेंट के बीच कानून की बारीकियों के बारे में बताया। इस शिविर में अनेक शिकायतों के निराकरण  के लिए उचित सलाह और सुझाव दिए गए। वहीं शिविर के विभिन्न सत्रों में अपर जिला एवं न्यायाधीश आलोक मिश्र, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राजेंद्र कुमार पाटीदार,  रजिस्ट्रार सिविल कोर्ट एवं एसडीएम राकेश कुमार शर्मा, ग्राम पंचायत के सरपंच, पंच सचिव भी मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन कमलेश जैन ने किया।