जबलपुर। आपके क्षेत्र में इतनी चोरियां हो रही हैं। क्या आपको निगरानी बदमाशों के नाम मालूम हैं। चलो एक का ही नाम बता दो। यह सवाल एक क्षेत्र के सीएसपी और टीआई से एसपी अमित सिंह ने बैठक में पूछे। लेकिन वह निगरानी बदमाश का नाम नहीं बता पाए। कुछ देर इंतजार करने के बाद एसपी ने कहा देख लीजिए यह हाल है। जब आपको क्षेत्र के निगरानी बदमाश का नाम ही नहीं मालूम तो अपराध कैसे रोकेंगे। ऐसे पुलिसिंग करेंगे, क्या आप लोग। लोकसभा चुनाव सामने हैं और यह स्थिति है कि किसी का काम भी परफैक्ट नहीं हैं। यह सुनकर बैठक में सन्नाटा छा गया। इसके बाद एक-एक टीआई से उनके कार्यों के बारे में समीक्षा की।

एसपी ने मातहतों को सख्त हिदायद दी कि काम में कोई लापरवाही नहीं होनी चाहिए। यदि ऐसा पाया गया, तो लापरवाही करने वाला खुद ही जिम्मेदार होगा। मंगलवार को एसपी अमित सिंह ने सभी सीएसपी और टीआई की बैठक में यह निर्देश दिए।
जिसका टर्न पूरा हुआ उसने ली राहत की सांस

बैठक दोपहर 2.30 बजे से शुरू हुई और शाम 7 बजे खत्म हुई। इस दौरान सभी टीआई के पसीने छूटते रहे। वहीं जिसका टर्न पूरा हो गया उसने राहत की सांस ली।
दो से अधिक अपराध होने पर तैयार करें गुण्डा फाइल

बैठक में सभी टीआई को निर्देश दिए कि ऐसे अपराधी जिनपर दो या दो से अधिक अपराध हैं उसकी गुण्डा फाइल तैयार करें। जो अपराधी जेल से रिहा हुए हैं उनपर निगरानी रखें।
प्रो-एक्टिव पुलिसिंग करें

एसपी ने कहा कि सभी बेसिक पुलिसिंग के साथ प्रो-एक्टिव पुलिसिंग भी करें। इसमें एनएसए जिलाबदर और प्रतिबंधात्मक कार्रवाई प्रभावी रूप से होना चाहिए। वहीं जुआ सट्टा खिलाने वाले, ड्रग माफिया, अवैध उत्खनन व परिवहन करने वालों को चिन्हित कर सख्त कार्रवाई करें।
क्षेत्र में पैदल भ्रमण करें टीआई

सभी टीआई अपने क्षेत्र में पैदल भ्रमण करें और क्षेत्रीयजन से चर्चा कर उनकी समस्याएं पूछे। वहीं यह भी ख्याल रखें कि क्षेत्र में कहीं भी जाम की स्थिति नहीं बने।