इन्दौर । बाहर की स्वच्छता में तो अपना शहर नंबर वन बन गया है और जल्द ही इसकी हैट्रिक भी बन जाएगी क्योंकि इस अभियान के बाद नागरिकों में जागरूकता आई है तथा नगर निगम भी पूरी  ईमानदारी से शहर को गौरवशाली बनाने में जुटा है। पहले सफाई ढंूढ़ना पड़ती थी, अब कचरा ढूंढ़ना पड़ रहा है। शहर की तरह अब अपनी आत्मा की सफाई भी जरूरी है। सिद्धाचल तीर्थ की यात्रा आत्मशुद्धि का महापर्व है। इंदौर को यह सौभाग्य सैकड़ों बंधुओं की तपस्या और साधना के बाद मिल रहा है।  
बंधु बेलड़ी आचार्य और सिद्धाचल महातीर्थ पालीताणा के लिए छःरी पालित यात्रा के प्रेरक जैनाचार्य प.पू. जिनचंद्र सागर सूरीश्वर म.सा. ने आज रेसकोर्स रोड स्थित आगमोद्धार आराधना भवन पर आयोजित धर्मसभा में उक्त दिव्य विचार व्यक्त किए। गणिवर्य पदमचंद्र सागर म.सा. एवं आनंदचंद्र सागर म.सा. ने भी पालीताणा तीर्थ की महत्ता बताते हुए कहा कि आत्मा की पवित्रता का मार्ग तपस्या ही है। पालीताणा केवल तीर्थ और पर्वत नहीं, कृपा का कल्पवृक्ष भी है, जिसकी शरण में जाने मात्र से हर तरह की कामनाएं पूरी हो जाती हैं। इसके पूर्व सुबह आचार्यश्री के मंगल प्रवेश प्रसंग पर रेसकोर्स रोड के गोल्डन हेरिटेज भवन से बैंड बाजों सहित भव्य जुलूस निकाला गया। इस दौरान ‘गुरूजी हमारे आए हैं, नई रोशनी लाएं हैं...., गुरूवर तेरा साथ हमको दो जहां से प्यारा है... और ’मेरे सर पर रख दो गुरूवर अपने दोनों हाथ, देना है तो दीजिए जनम-जनम का साथ...’ जैसे उद्घोष भी गूंजते रहे। संपूर्ण मार्ग को रंगोली और अक्षत श्रीफल से श्रृंगारित किया गया था। आराधना भवन पर प्रारंभ में रेसकोर्स जैन श्रीसंघ की ओर से डाॅ. प्रकाश बांगानी, प्रवीण श्रीश्रीमाल, हेमंत डिंगडांग, पुखराज बंडी, सिद्धाचल संघ समिति के सुमित कांग्रेसा एवं सुनील सकलेचा ने श्रावकों की अगवानी की। नवकार परिवार के प्रवीण गुरूजी ने धर्मसभा के पूर्व आयोजित पालीताणा यात्रा का विस्तार से विवरण देते हुए कहा कि अब तक लगभग 450 फार्म आ चुके हैं। शुक्रवार 8 फरवरी को जैनाचार्य प.पू. जिनचंद्र सागर म.सा. की निश्रा में लगभग 100 साधु-साध्वी भगवंत भी इस यात्रा में पूरे 38 दिनों तक साथ रहेंगे, यह सबसे बड़े सौभाग्य की बात होगी। नवकार परिवार के युवा पिछले एक माह से इस यात्रा की तैयारियों और व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं। 
:: आज के कार्यक्रम, तपस्वियों का बहुमान होगा :: 
नवकार परिवार के अभय गुरूजी एवं महेंद्र गुरूजी ने बताया कि बुधवार 6 फरवरी को बास्केटबॉल काम्प्लेक्स के पास, जंजीरावाला चैराहा स्थित मोहता भवन पर प्रातः 9 बजे से वर्ष 2016 में हुए सिद्धाचल तप के 320 तपस्वियों का बहुमान होगा। गुरूवार 7 फरवरी को मोहता भवन में ही सुबह 9 बजे से धर्मसभा होगी। दोपहर में महिलाएं हाथों में मेहंदी रचाएंगीं। इसके पूर्व सकल संघ के लिए स्वामी वात्सल्य होगा। शुक्रवार 8 फरवरी को पालीताणा के लिए महातीर्थ यात्रा का शुभारंभ सुबह 6 बजे से होगा। यात्रा मोहता भवन से रेसकोर्स रोड, वहां से स्नेहलतागंज स्थित मुख्य लाभार्थी कोचर परिवार तथा तदपश्चात पीपली बाजार, कालानी नगर से हींकारगिरी पहुंचेगी जहां तलहटी में रात्रि विश्राम के लिए 80 हजार वर्गफीट मैदान में विशेष नगरी का निर्माण किया जा रहा है। यात्रा के दौरान रात्रि विश्राम वाले स्थानों पर इसी तरह की व्यवस्था जुटाई जा रही है।