भुवनेश्वर कुमार ने भारतीय तेज गेंदबाजी को नया आयाम दिया है. वह शुरुआती स्पेल में शानदार आगाज करते हैं और डेथ ओवरों में बल्लेबाजों को बांधने में सफल होते हैं. यह मेरठी पेसर आज (5 फरवरी) 29 साल का हो गया. 'स्विंग किंग' भुवी फिलहाल न्यूजीलैंड में हैं, जहां वह बुधवार से शुरू हो रही टी-20 सीरीज में भारतीय आक्रमण का आगाज क

भुवनेश्वर ने अंतराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखने से पहले ही बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली थी. वह इकलौते ऐसे गेंदबाज हैं जिन्होंने घरेलू क्रिकेट (फर्स्ट क्लास) में सचिन को शून्य पर आउट किया है. रणजी ट्रॉफी फाइनल के दौरान (12 जनवरी 2009) उन्होंने सचिन को जीरो पर आउट किया था.
भुवी का टेस्ट टीम में पदार्पण फरवरी 2013 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चेन्नई में हुआ. वह भारतीय टीम के लिए भाग्यशाली साबित हुए. दरअसल, उनके आते ही भारतीय टीम ने लगातार छह टेस्ट मैच जीते.
भुवी के डेब्यू के साथ ही भारत ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू सीरीज के सभी 4 और वेस्टइंडीज के खिलाफ 2 टेस्ट मुकाबलों में जीत हासिल की. लेकिन इस दौरान भुवी का औसत प्रदर्शन रहा, वह 9 विकेट ही ले पाए. हालांकि 2014 के इंग्लैंड टूर पर उन्होंने 19 विकेट चटकाए और तीन अर्धशतक भी लगाए.
इससे पहले भुवनेश्वर ने पाकिस्तान के खिलाफ दिसंबर 2012 टी-20 इंटरनेशनल और वनडे में धमाकेदार पदार्पण किया था. उन्होंने बेंगलुरु में पाकिस्तान के खिलाफ टी-20 इंटरनेशनल डेब्यू के अपने पहले ही ओवर में विकेट हासिल किया. तब उन्होंने भारतीय गेंदबाजी का आगाज करते हुए पाक बल्लेबाज नासिर जमशेद (2) को ओवर की आखिरी गेंद पर बोल्ड किया था. उस मैच में उनका गेंदबाजी विश्लेषण 4-0-9-3 रहा.
इसी के बाद भुवी ने चेन्नई में वनडे डेब्यू किया और पाकिस्तान के खिलाफ गेंदबाजी की शुरुआत करते हुए पहली ही गेंद पर भारत को विकेट दिलाया. तब मोहम्मद हफीज को उन्होंने बोल्ड कर पवेलियन की राह दिखाई थी. उस मैच में उनका गेंदबाजी विश्लेषण 9-3-27-2 रहा.
भुवनेश्वर अपने इंटरनेशनल करियर में अब तक 21 टेस्ट मैचों में 63 विकेट ले चुके हैं. इस अलावा उन्होंने 103 वनडे में 114 और 34 टी-20 इंटरनेशनल में 33 विकेट निकाले हैं.

भुवनेश्वर के नाम एक अनोखा रिकॉर्ड यह भी है कि वह तीनों फॉर्मेट में 5 विकेट हॉल ( five-wicket haul) यानी एक पारी में 5 या इससे ज्यादा विकेट लेने वाले पहले भारतीय गेंदबाज हैं.
 

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