इन्दौर । उच्च शिक्षा, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री जीतू पटवारी ने आज तीसवाँ सड़क सुरक्षा सप्ताह का शुभारंभ किया। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि जनता, पुलिस एवं प्रशासन के सहयोग से हमें इंदौर को सड़क सुरक्षा के मामले में देश का प्रथम शहर बनाना है। उन्होंने कहा कि अभी इंदौर बैंगलोर के बाद दूसरे नम्बर पर है। इंदौर जब साफ-सफाई में नम्बर-वन आ सकता है तो सड़क सुरक्षा में नम्बर-वन क्यों नहीं आ सकता।
श्री पटवारी ने कहा कि सड़क दुर्घटना में हर साल देश में लगभग डेढ़ लाख लोग मर जाते हैं। इसी प्रकार मध्यप्रदेश में लगभग 10 हजार लोग सड़क दुर्घटना में शिकार हो जाते हैं और इंदौर में लगभग 600 लोग सड़क दुर्घटना में कालकवलित हो जाते हैं। उन्होंने घोषणा की कि सड़क सुरक्षा को स्कूल और कॉलेज के पाठ्यक्रम में शामिल किया जायेगा। उन्होंने कहा कि इंदौर में हर चौराहे पर ग्रीन और रेड लाइट सिस्टम लगाया गया है। स्वचलित चालान सिस्टम भी लागू किया जाये। हम सब मिलकर प्रयास करेंगे तो यहाँ का ट्रैफिक सिस्टम और बेहतर हो जायेगा। आज हम सब मिलकर संकल्प लेते हैं कि यातायात नियमों का कड़ाई से पालन करेंगे।
इस अवसर पर कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जाटव ने कहा कि बेहतर ट्रैफिक से बेहतर इंदौर बन सकता है। इंदौर देश के जागरुक शहरों में से एक है। हमें दो मोर्चों पर काम करना है। नंबर एक-जनता ट्रैफिक नियमों का पालन करें और दूसरा- नगर निगम और लोक निर्माण विभाग सड़कों की गुणवत्ता में सुधार लायें। हमारे सब्र का इम्तिहान चौराहे पर ही होता है, हमें सब्र रखना चाहिये। इसी प्रकार हमें किसी भी कार्यक्रम में पहुंचने के लिये दस मिनट पहले निकलना चाहिये, तब हमें रास्ते में हायतौबा नहीं करनी पड़ेगी।
इस अवसर पर डीआईजी श्री हरिनारायणचारी मिश्र ने कहा कि इंदौर में हत्या से ज्यादा सड़क दुर्घटना में लोग मरते हैं। ट्रैफिक नियमों के पालन में जनसहभागिता जरूरी है। इंदौर शहर में तीस ब्लैक पाइंट है, जहां दुर्घटनाएं ज्यादा होती है, यहां सतर्कता जरूरी है। इन्हें सुधारने की जरूरत है। इन चौराहों पर पुलिस यातायात शोध कार्य कर रहा है, जिससे चौराहों की तकनीकी खामियां दूर की जा सकें और दुर्घटनाओं को कम किया जा सकें।
इस अवसर पर मंत्री श्री पटवारी ने हरी झण्डी दिखाकर मोटर सायकल रैली और एलईडी प्रचार रथ को रवाना किया। इस अवसर पर विधायक श्री विशाल पटेल और एडीजीपी श्री मिलिन्द कानस्कर एवं बड़ी संख्या में श्रोता, नागरिक, विद्यार्थी एवं स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. प्रशांत चौबे ने किया।