इन्दौर । कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जाटव की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक सम्पन्न हुई। इस अवसर पर श्री जाटव ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग मीजल्स और रूबेला टीकाकरण अभियान में तेजी लायें और लक्ष्य शीघ्रातिशीघ्र पूरा करें। उन्होंने कहा कि 31 मार्च तक परिवार नियोजन कार्यक्रम, जच्चा-बच्चा टीकाकरण तथा संस्थागत प्रसव में शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करें। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग का अमला काम काज में तेजी जाये। इसके अलावा सभी अधिकारी-कर्मचारी मुख्यालय पर रहें। बैठक को सीईओ जिला पंचायत श्रीमती नेहा मीणा ने भी सम्बोधित किया।
बैठक में टीकाकरण पोषण पुनर्वास केन्द्र क्षय नियंत्रण कुष्ठरोग उन्मूलन, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, अंधत्व निवारण कार्यक्रम, पोषण पुनर्वास केन्द्र, मातृ मृत्यु दर, शिशु मृत्यु दर, मलेरिया कार्यक्रम, परिवार कल्याण कार्यक्रम प्रसव केन्द्र आदि के संबंध में चर्चा की गई। बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रवीण जड़िया ने बताया कि जिले में जननीसुरक्षा योजना के तहत अभी तक एक वर्ष में एक करोड़ 65 लाख रूपये का भुगतान किया जा चुका है। इसी प्रकार राज्य बीमारी सहायता निधि में 318 हितग्राहियों 2 करोड़ 38 लाख की आर्थिक सहायता दी जा चुकी है।
डॉ. जड़िया ने बताया कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत 19 हजार 384 बच्चों का इलाज किया जा चुका है तथा 418 बच्चों की सर्जरी की जा चूकी और 98 बच्चों का बाल ह्दय उपचार योजना के तहत इलाज किया गया है। और 30 बाल श्रवण उपचार योजना के तहत इलाज किया गया है। जिले में अभी तक पिछले एक वर्ष में 375 कुष्ठरोगियों को कुष्ठरोग से मुक्त किया गया है और 471 कुष्ठरोग का इस समय इलाज चल रहा है।
उन्होंने बताया कि जिले में इस वर्ष मलेरिया के 49 और डेंगू 352 रोगियों का इलाज किया गया। जिले में मातृ मुत्यु दर और शिशु मृत्यु दर में सुधार आ रहा है। इसी प्रकार जिले में परिवार नियोजन कार्यक्रम के तहत अभी तक 13 हजार 512 नसबंदी ऑपरेशन किये गये है। 31 मार्च तक इस अभियान के तहत शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लिया जायेगा। टीकाकरण का काम अस्पतालों और आंगनवाड़ी केन्द्रों में किया जाता है। आशा और उषा कार्यकर्ता इस अभियान से जुड़े है। इसी प्रकार राज्य शासन के मीजल्स-रूबेला टीकाकरण अभियान में अभी तक 3 लाख 29 हजार 826 बच्चों का टीकाकरण किया गया है, जो की कुल लक्ष्य का 75 प्रतिशत है। यह अभियान निरंतर जारी है। इसी प्रकार बच्चों प्रतिरोधक क्षमता विकसित करने के लिये टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा। लक्षित अभियान के विरूद्ध अभी तक 64 प्रतिशत टीकाकरण हो चुका है। इसी प्रकार जिले में संस्थागत प्रसव के तहत 4 हजार 931 संस्थागत प्रसव कराये गये। इंदौर सिटी में 95 प्रतिशत संस्थागत प्रसव कराये गये हैं।
बैठक में डॉ. एमपी शर्मा, सभी बीएमओ, सभी सीडीपीओ तथा जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी मौजूद थे।