प्रदोष का व्रत भगवान महादेव को प्रसन्न करने के लिए किया जाता है। प्रत्येक पक्ष की त्रयोदशी को प्रदोष के व्रत का विधान शास्त्रों में बताया गया है। प्रदोष व्रत शुक्ल और कृष्ण पक्ष में किया जाता है। इस बार प्रदोष व्रत 2 फरवरी दिन शनिवार को पड़ रहा है इसलिए इसे शनि प्रदोष व्रत कहते हैं। ऐसा विश्वास किया जाता है कि इस व्रत को रखने से शिवजी प्रसन्न होते हैं और व्रती को सौ गाय दान देने के बराबर फल की प्राप्ति होती है।

काफी फलदायी है शनि प्रदोष व्रत
जिस दिन त्रयोदशी तिथि होती है प्रदोष व्रत को उसी नाम से जाना जाता है जैसे सोम प्रदोष, भौमप्रदोष आदि। सभी प्रदोषों के व्रत का फल अलग-अलग बताया गया है। लेकिन सभी व्रत के मूल में उपासक का कल्याण ही मुख्य होता है। कहा जाता है कि रवि प्रदोष के व्रत से उपासक को आयु में वृद्धि और आरोग्य की प्राप्ति होती है। सोम प्रदोष से उपासक को अभीष्ट सिद्धि की प्राप्ति होती है। शनि प्रदोष के व्रत से पुत्र की प्राप्ति होती है।

काफी फलदायी है शनि प्रदोष व्रत
जिस दिन त्रयोदशी तिथि होती है प्रदोष व्रत को उसी नाम से जाना जाता है जैसे सोम प्रदोष, भौमप्रदोष आदि। सभी प्रदोषों के व्रत का फल अलग-अलग बताया गया है। लेकिन सभी व्रत के मूल में उपासक का कल्याण ही मुख्य होता है। कहा जाता है कि रवि प्रदोष के व्रत से उपासक को आयु में वृद्धि और आरोग्य की प्राप्ति होती है। सोम प्रदोष से उपासक को अभीष्ट सिद्धि की प्राप्ति होती है। शनि प्रदोष के व्रत से पुत्र की प्राप्ति होती है।
इस मंत्र का करें जप
शनि प्रदोष व्रत करने वाले उपासक ब्रह्मवेला में उठकर स्नानादि से निवृत्त होकर सबसे पहले ‘अहमद्य महादेवस्य कृपाप्राप्त्यै सोमप्रदोषव्रतं करिष्ये’ मंत्र बोलकर व्रत का संकल्प करना चाहिए। फिर शिव मंदिर में जाकर भगवान शिव को बेल पत्र, पुष्प, धूप-दीप, भोग चढ़ाने के बाद शिव मंत्र का जप करना चाहिए। मान्यता है कि शाम के समय एक बार फिर से स्नान करके उत्तर की ओर मुख करके महादेव की अर्चना और हनुमान चालीसा का पाठ करना भी लाभप्रद रहता है।
शनि दोष करें दूर
भगवान शिव शनि महाराज के गुरु हैं। इसलिए शिव भक्त पर शनि के कोप से मुक्त रहते हैं। शनि दोष को दूर करने के लिए लोहे की कटोरी में तेल भरकर उसमें अपनी परछाई देखें और यह तेल किसी को दान कर दें। शनि दोष से मुक्ति के लिए यह बहुत ही अचूक उपाय है। साथ ही जल में काले तिल में डालकर भगवान शिव का जलाभिषेक करेंष ऐसा करने से आपकी धन संबंधी समस्या भी दूर होगी।