सिडनी । एक अध्ययन में नाईट शिफ्ट में काम करने और डीएनए में खतरनाक संबंध सामने आया है। इस शोध के अनुसार अगर आप नाइट शिफ्ट में ज्यादा काम करते हैं, तो सावधान हो जाइए, क्योंकि यह आपके डीएनए को क्षतिग्रस्त कर सकता है। भारतीय मूल के एक शोधकर्ता की मौजूदगी में हुए एक रिसर्च में यह बात सामने आई है कि नाइट शिफ्ट में काम करने वालों के नींद के हार्मोन्स मेलाटोनिन के स्राव पर असर पड़ता है। जो लोग रात में काम करते है, उनके यूरीन में एक्टिव डीएनए ऊतकों की मरम्मत करने वाले केमिकल का उत्पादन कम होता है, जबकि जो लोग दिन की पाली में काम करते हैं, उन्हें यह दिक्कत नहीं होती। शोध में बताया गया है कि इस केमिकल में कमी आने से कोशिकाओं के क्षतिग्रस्त होने के बाद उसकी मरम्मत करने की क्षमता कम हो जाती है। शोधकर्ताओं का कहना है कि नींद का हार्मोन्स मेलाटोनिन रात की अपेक्षा दिन में कम उत्पादन कर पाता है।