बिलासपुर । कोटा के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व  कीर्तिमान को मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ रसूखदार व्यक्तियों के द्वारा टेंगनमाडा़ और करवा समिति में बड़ी मात्रा में धान बिक्री के लिए लेकर जा है । तब उन्होंने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए दोनों ही समितियों में राजस्व की टीम पहुंच गई। जहां पर १००० धान की बोरा करीब जब्त करना बताया जा रहा है। जहां पर अनुविभागीय अधिकारी कोटा के राजस्व की जांच में जुटी हुई है ।
इस संबंध में  मिली जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि  कोटा के अनुभाग अधिकारी  कीर्तिमान सिंह  को मुखबिर से सूचना मिली की  कुछ रसूखदार व्यक्तियों के द्वारा  टेगनमाड़ा और करवा समिति में धान लेकर  बिक्री के लिए जा रहे हैं । जिसे उन्होंने गंभीरता से लेते हुए  दोनों ही  समितियों में  जांच करने के लिए राजस्व की टीम पहुंची गई । प्रशासन को इन दोनों समितियों में अवैध रूप से धान बिक्री की पूर्व से सूचना मिली रही थी । इस मामले में दोनों समितियों के प्रबंधकों की मिलीभगत की भी बात कही जा रही है । देर रात तक कोटा एसडीएम व तहसीलदार एवं अन्य प्रशासनिक अफसरों की जांच जारी थी । धान बेचने के लिए शासन ने कई मापदंड बनाए हैं । न्यूनतम ४ किवंटल से लेकर अधिकतम धान खरीदी के लिए नए मापदंडों का पालन करना जरूरी है । वही टेंगनमाडा और करवा समिति में ४ क्विंटल की पात्रता वाले लोग भी ३०० से ४०० बोरी धान बेचने पहुंचे थे । जिसकी सूचना शासन को इसकी सू पूर्व से मिल चुकी थी कि इन दोनों समितियों में बड़े पैमाने पर अवैध ढंग से धान बिक्री के लिए लाया जा रहा है एकोटा एसडीएम कीर्तिमान सिंह राठौर और प्रशासनिक अफसरों की टीम ने इन समितियों में  छापामार कार्यवाही की वहां धान बिक्री के लिए ट्रैक्टर खड़े हुए थे मौके पर पहुंचे अफसरों ने वहां मौजूद ट्रैक्टर संचालक किसानों से धान बिक्री के लिए कागजात मांगे तो पता चला कि सभी के पास सिर्पâ ४ क्विंटल धान बेचने की पात्रता थी । लेकिन उसके पास ३०० से ४०० बोरे थे शाम ६रू०० बजे तक जांच जारी थी और अवैध रूप से करीब १००० क्विंटल धान अवैध बिक्री के मामले में मंडी एक्ट के तहत कार्रवाई की जानकारी प्रशासन अफसरों ने दी है।