बच्चों के दिमागी विकास और उन्हें बुद्धिमान बनाने के लिए आप भी प्रयास कर सकते हैं। इसके लिए अभिभावकों को सकारात्मक भूमिका निभानी होगी। बच्चों के साथ छोटे-छोटे दिमागी खेल खेलें। पहले उन्हें विस्तार से खेल का तरीका बताएं फिर उनके साथ बच्चा बनकर ही खेलें और गलती होने पर उन्हें अवश्य बताएं।
दोपहर में सोना
दोपहर में खाना खाने के बाद क़रीब एक घंटे की नींद लेने से बच्चों की याददाश्त बढ़ती है। शोधकर्ताओं के मुताबिक दिमाग़ को मज़बूत बनाने और सीखने के लिए दोपहर की नींद बेहद अहम है।
अध्ययन के मुताबिक जो महिलाएं अपने नवजात बच्चे के प्रति ज्यादा शिष्ट रहती हैं, उनके बच्चों के दिमाग के हिप्पोकेंपस क्षेत्र में ज्यादा नर्व कोशिकाएं बनती हैं जिससे बच्चे का दिमाग तेज होता है।
मिसिंग नंबर के बारे में जानने को कहें
यह उन बच्चों के लिए अच्छा है, जिन्हें गिनती आती है। अपने बच्चे को 1 से 20 तक गिनती में बीच-बीच में कोई अंक छोड़ दें और उसे उन मिसिंग नंबर के बारे में जानने को कहें। इससे उनके मनोरंजन के साथ दिमागी विकास भी होगा।
अपोजिट बताने के लिए कहें
यह छोटे बच्चों के लिए बहुत अच्छा है। अपने बच्चे के सामने कोई शब्द बोलें और उसे उस शब्द का अपोजिट बताने के लिए कहें। पर यह खेल खेलते हुए इस बात का ध्यान रखें कि ऐसे शब्द बोलें जिसे वे समझ सकें।
सही तरीके से गाने को कहें
बच्चों के साथ खेलते समय आप उन्हें एक अच्छा-सा टंग ट्विस्टर सही तरीके से गाने को कहें। इससे बच्चों का दिमागी विकास होने के साथ उनकी एकाग्रता भी बढ़ती है।
नए शब्दों का प्रयोग
जब भी बच्चों से बात करें किसी नए और आसान शब्द का प्रयोग करें। इतना ही बच्चे को इसका अर्थ भी जरूर समझाएं और उसे वो शब्द इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित करें।
सवालों का जवाब दें
कई बार बच्चे टीवी देखते समय कई ऐसी बातें जानना चाहते हैं लेकिन अभिभावक उनकी बातों का जवाब देना जरूरी नहीं समझते जो सही नहीं है। बच्चे के सवालों का जबाव दें और विषय के बारे में समझाएं।
बच्चों के साथ खेलें
बच्चे के साथ वीडियो गेम्स या अन्य तरह के खेलें, ताकि उसमें अपनी दृष्टि को केंद्रित करने की शक्ति बढ़े। इससे ये फायदा होगा कि बच्चा जहां भी गलती करेगा आप उसे समझा सकते हैं। 
बातें साझा करें
दिन में हुई किसी भी घटना को डिनर पर बच्चे के साथ शेयर करें। बच्चे को भी अपने स्कूल और मित्रों की बातें शेयर करने के लिए प्रोत्साहित करें।