बीजिंग । चंद्रमा पर उतरने वाले चीन के ‘चांग ई-4 अंतरिक्षयान ने उतरने वाली जगह के क्षेत्र को बेहतर ढंग से दिखाने वाली पहली तस्वीर भेजी है। यह यान धरती से कभी न नजर आने वाले चंद्रमा के सबसे दूर के हिस्से पर उतरने वाला पहला अंतरिक्षयान है। चांग ई-4 तीन जनवरी को चंद्रमा के सबसे दूर के हिस्से में उतरा और प्राकृतिक उपग्रह के कभी न दिखाई दिए हिस्से तक पहुंचने वाला विश्व का पहला अंतरिक्षयान बन गया। लैंडर के सबसे ऊपरी हिस्से पर लगे कैमरे से ली गई 360 डिग्री का विशाल दृश्य पेश करने वाली तस्वीरें जारी की। 
गौरतलब है कि चांग ई-4 और चंद्रयान-2 दोनों ही 'सबसे पहले' चंद्रमा की धरती पर उतरना चाहते थे। चांद के इस हिस्‍से के बारे में अभी तक कोई पुख्‍ता जानकारी नहीं है। धरतीवासियों की नजर से दूर रहने वाले इस हिस्से में अधिक पहाड़ी और पथरीला क्षेत्र है, जबकि चंद्रमा के उजले हिस्से में समतल क्षेत्र अधिक है। चांद का हमेशा एक ही हिस्‍सा हम लोगों को दिखता है, क्‍योंकि जिस गति से वह पृथ्‍वी के चक्‍कर लगाता है, उसी गति से अपनी धुरी पर भी चक्‍कर लगाता है। यही कारण है कि चांद का एक हिस्‍सा हमें नहीं दिखाई देता है। बताया जाता है कि चंद्रमा का अनदेखा हिस्‍सा मानव के बसने के लिए आदर्श है क्योंकि यहां पानी बर्फ के रूप में रहता है। यान से बंधा लैंडर में लगे जर्मन विकिरण डिटेक्टर यह परीक्षण करेंगे कि लोगों के लिए लंबे समय तक जीवित रहना कितना खतरनाक होगा।