नई ‎दिल्ली। भाजपा के सहयोगी और लोकजनशक्ति पार्टी के नेता राम विलास पासवान ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर सवर्णों को दस फीसदी के आरक्षण का विरोध करने वाले लालू प्रसाद के राजद की जड़े उखाड़ देगा। इसके बाद प्रदेश में पार्टी आगामी लोकसभा चुनाव में एक भी सीट पर अपना खाता नहीं खोल पाएगी। दलित नेता  पासवान ने दावा किया कि आरक्षण विधेयक का लगातार विरोध करने से बिहार में महागठबंधन विभाजित हो सकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भाजपा की अगुवाई वाली राजग को इसका फायदा पहुंचेगा और यह समाज में सद्भाव का कारण बनेगा। 
केंद्रीय मंत्री ने इसकी तुलना एक मछुआरे के जाल में आयी एक बड़ी मछली से की, जिस कारण अन्य मछुआरों में ईर्ष्या भाव पैदा हो गया है। उन्होंने कहा ‎कि इस बड़े राजनीतिक कदम के मामले में विपक्षी दल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से ईर्ष्या कर रहे हैं। उन्हे पता नहीं है कि कैसे प्रतिक्रिया दें। विधेयक का विरोध करने वाले राष्ट्रीय जनता दल पर हमला करते हुए कहा कि रघुवंश प्रसाद सिंह और जगदानंद सिंह तो सवर्ण समुदाय से आते हैं और उनके लिए जनता के बीच जाकर वोट मांगना भी कठिन होगा। 
पासवान ने इस विधेयक को ऐतिहासिक बताते हुए कहा, आगामी लोकसभा चुनाव में राजद अपना खाता भी नही खोल पाएगी। समाज के सभी वर्ग खुश हैं तसे निश्चित तौर पर इससे राजग को जरुर लाभ ‎मिलेगा। संवैधानिक संशोधन विधेयक संसद में पारित हो चुका है और लगभग सभी राजनीतिक दलों ने उसका समर्थन किया है।