जबलपुर। सटोरिए की डायरी में मिले पुलिस कर्मियों के नाम के बाद अब यह खबर आ रही है कि डायरी में और भी ऐसे नाम हैं जो रसूखदारों से जुड़े हुए हैं। हालाकि अभी पुलिस इन नामों का खुलासा नहीं कर रही है। जांच होने और साक्ष्य मिलने के बाद इन रसूखदारों पर कार्रवाई होगी। पुलिस अधीक्षक अमित सिंह ने डायरी में नाम मिलने पर पुलिस कर्मियों को सस्पेंड कर दिया है। वहीं थाना प्रभारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। कहा जा रहा है कि जल्द ही पुलिस कोई बड़ी कार्रवाई कर सकती है।
    सूत्रों की मानें तो पुलिस के हाथ लगी डायरी में कुछ रसूखदारों के नाम सामने आए हैं। इन रसूखदों पर पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इसके साथ ही शहर के सट्टा किंग की तलाश पुलिस को है। बड़े जुआ अड्डों पर जल्द ही पुलिस की गाज गिर सकती है। कहा जा रहा है कि जल्द ही पुलिस मादक पदार्थों की तस्करी में बड़ा खुलासा कर सकती है। 
    प्रदेश में सरकार बदलने के बाद पुलिस एक्शन मोड पर आ गई है। यह पहला वाकया है जब पुलिस कर्मियों पर एक साथ इतनी बड़ी कार्रवाई की गई है। दरसल सरकार के गठन के बाद ही जुआरियों, सटोरियों और मादक पदार्थ विक्रय करने वालों पर शिकांजा कसने के लिए एसपी अमित कुमार ने निर्देश जारी किए थे। इसके बाद लगातार कार्रवाई की गईं। कार्रवाई के दौरान यह बात भी सामने आई कि सट्टा खिलाने में पुलिस भी संलिप्त है। जिसके चलते यह कार्रवाई की गई। 
हर थाने में हैं भेदिए.........
    पुलिस कप्तान ने एक थाने के पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की है। कहा जा रहा है कि जिले के कई थाने ऐसे हैं जहां अपराधियों को संरक्षण दिया जा रहा है। मादक पदार्थों की विक्री के साथ जुआ, सट्टा पुलिस के संरक्षण में फल-फूल रहा है। हालाकि पुलिस कप्तान ने सभी थानों को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। लेकिन पुलिस डायरी में नाम सामने के आने के बाद यह बात खुलकर सामने आ गई है कि पुलिस की शह के बिना अपराध संचालित नहीं हो सकते। 
ये हुई थी कार्रवाई .......
    पुलिस अधीक्षक अमित सिंह ने गोहलपुर थाने में पदस्थ ७ प्रधान आरक्षक और १७ आरक्षकों को सस्पेंड कर दिया है। गौरतलब है कि जिले के एएसपी दीपक शुक्ला ने टीम के साथ अमखेरा में रहने वाले सटोरिए श्यामकुमार के घर जब दबिश दी तो वहां से ५ हजार रुपए नगद, लाखों की सट्टा पट्टी और एक डायरी भी मिली। डायरी को जब एएसपी दीपक शुक्ला ने पढ़ा तो उनके होश उड़ गए। गोहलपुर थाने के आधे से ज्यादा स्टाफ का नाम डायरी में लिखा हुआ था, इसके अलावा ये भी लिखा था कि किस पुलिस कर्मी को कितना पैसा हर माह सटोरिया श्यामकुमार देता है।