जबलपुर। पुलिस अधीक्षक अमित सिंह ने एक ही थाने के २४ पुलिस कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया है। इनमें ७ प्रधान आरक्षक और १७ आरक्षक शामिल हैं। सभी पुलिस वाले एक ही थाने के हैं। दरसल इन पुलिस कर्मियों के नाम एक सटोरिए की डायरी में मिले थे। कहा जा रहा है कि सटोरियों के मिलीभगत के चलते पुलिस वालों पर कार्रवाई की गई है। 
ऐसा पहला मौका है जब एक ही थाने के करीब-करीब पूरे स्टाफ को सस्पेंड किया गया हो। 
गोहलपुर थाने में पदस्थ स्टाफ के एक साथ निलबंन से पूरे जिले के पुलिस कर्मियों में हड़कंप की स्थति है। गौरतलब है कि जिले के एएसपी दीपक शुक्ला ने टीम के साथ अमखेरा में रहने वाले सटोरिए श्यामकुमार के घर जब दबिश दी तो वहां से ५ हजार रुपए नगद, लाखों की सट्टा पट्टी और एक डायरी भी मिली। डायरी को जब एएसपी दीपक शुक्ला ने पढ़ा तो उनके होश उड़ गए। गोहलपुर थाने के आधे से ज्यादा स्टाफ का नाम डायरी में लिखा हुआ था, इसके अलावा ये भी लिखा था कि किस पुलिस कर्मी को कितना पैसा हर माह सटोरिया श्यामकुमार देता है।
एसपी ने इन्हें किया सस्पेंड ...........
प्रधान आरक्षक-कैलाश मिश्रा, खेमकरण डेहरिया, प्रमोद कुमार दीक्षित, दीपक, ओमप्रकाश मिश्रा, रवीन्द्र नेगी, गोपाल सिंह, आरक्षक प्रिंस कुमार यादव, रंजीत यादव, मनीष तिवारी, राजेश नाग, राजेश तिवारी, ओम नारायण, रामगरीब, रत्नेश, दिनेश बघेल, नीरज राव, रमेश सिंह, वीरेन्द्र, राजेश चौरसिया, शिवशंकर द्विवेदी, विनय तिवारी, मानस उपाध्याय, हरिओम मिश्रा। 
सरकार बदलने के बाद एक्शन ............
प्रदेश में सरकार बदलने के बाद पुलिस एक्शन मोड पर आ गई है। यह पहला वाकया है जब पुलिस कर्मियों पर एक साथ इतनी बड़ी कार्रवाई की गई है। दरसल सरकार के गठन के बाद ही जुआरियों, सटोरियों और मादक पदार्थ विक्रय करने वालों पर शिकांजा कसने के लिए एसपी अमित कुमार ने निर्देश जारी किए थे। इसके बाद लगातार कार्रवाई की गईं। कार्रवाई के दौरान यह बात भी सामने आई कि सट्टा खिलाने में पुलिस भी संलिप्त है। जिसके चलते यह कार्रवाई की गई।