जबलपुर। सुरक्षा संस्थान वीएफजे प्रशासन अब शीघ्र ही निर्माणी में बने सैन्य वाहनों की खेप सेना के हवाले करेगा। रक्षा मंत्रालय ने इसे लेकर वीएफजे के नाम पर हाल ही में नई डीपी (डिलेवरी पीरियड) जारी की है। बावजूद इसके वाहन निर्माणी में वित्तीय वर्ष 2018-19 का लक्ष्य वाहन उत्पादन होना मुश्किल है। वजह निर्माणी में नई डीपी आने के बाद भी सैन्य वाहन बनाने रॉ-मटेरियल की कमी होना है। श्रमिक नेता बताते हैं कि सेना की मांग के हिसाब से इस वित्तीय वर्ष में निर्माणी के कर्मचारियों को कुल 2000 स्टेलियन बनाना हैं।

निर्माणी के प्लांट नं.1 में यह वाहन बनाने कर्मचारी जुटे रहे, जिसके चलते 4 माह में करीब 400 स्टेलियन बनाने का काम किया गया। इन वाहनों को सेना के हवाले किए जाने से पहले निर्माणी की डीपी खत्म हो गई। निर्माणी प्रशासन ने नवंबर में इसकी जानकारी ओएफबी और रक्षा मंत्रालय को देकर नई डीपी भेजने का प्रस्ताव दिया। इस पर रक्षा मंत्रालय ने 4 दिन पहले नई डीपी जारी कर दी, जिसपर निर्माणी प्रशासन ने 400 सैन्य वाहनों की खेप अलग-अलग डिपो भेज दी।
निर्माणी में 150 स्टेलियन का निर्माण अंतिम चरण में है, जिन्हें इसी माह के अंत तक सेना के सुपुर्द कर दिया जाएगा। चेचिस पर रख रहे बॉडी श्रमिक नेता बताते हैं कि इस निर्माणी में अभी रॉ-मटेरियल की कमी चल रही है। इसलिए प्लांट नं.1 में स्टेलियन बनाना भी मुश्किल हो रहा है। मौजूदा समय में कर्मचारी इस गाड़ी की चेचिस पर बॉडी रखकर उसके विभिन्न् हिस्सों को जोड़ने का प्रयास करते हैं। इसमें कुछ हिस्से यहां उपलब्ध नहीं होने से बीच में काम रोक देना पड़ता है। वाहन निर्माणी में इस तरह करीब 200 सैन्य वाहन बनाने का काम आधा हो चुका है।

इस निर्माणी में वर्तमान में स्टेलियन का निर्माण करने फ्यूल टैंक, बैटरी, टायर की आपूर्ति जारी है, लेकिन गेयर बॉक्स की शार्टेज चल रही है। वहीं कमानी पट्टा नहीं होने से कर्मचारियों को नई गाड़ियां समय पर बनाकर तैयार करना बहुत बड़ी चुनौती है।

कलपुर्जों की कमी लक्ष्य हासिल करने से रोक देगी
निर्माणी में सैन्य वाहन स्टेलियन बनाने रॉ-मटेरियल की आपूर्ति हो जाए तो भी अगले 3 माह में यहां 1,200 स्टेलियन बनना मुश्किल है। वजह निर्माणी प्रशासन 4-4 सौ गाड़ियों के लिए रॉ-मटेरियल बुलाएगा, जिससे माल की आपूर्ति में देर लगेगी। तभी गेयर बॉक्स, बैटरी, टायर, कमानी-पट्टा या अन्य कलपुर्जों की कमी निर्माणी को उत्पादन लक्ष्य हासिल करने से रोक देगी।

स्टेलियन, एलपीटीए नानकोर की सूची में शामिल
रक्षा मंत्रालय ने वीएफजे में बनने वाले सैन्य वाहन स्टेलियन और एलपीटीए को नानकोर की सूची में शामिल कर लिया है। इसके बाद भी इस निर्माणी को पूर्व में सेना से मिले इंडेंट (उत्पादन लक्ष्य) के अनुसार स्टेलियन, एलपीटीए बनाना है। व्हीएफजे यह आखरी चरण का उत्पादन करने के बाद स्टेलियन, एलपीटीए बनाने का काम हमेशा के लिए बंद कर देगी।