एडिलेड: ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम के वन-डे कप्तान एरोन फिंच ने कहा कि क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (सीए) में चल रही उथल-पुथल से टीम का ध्यान भंग हो रहा है और उन्होंने अपने खिलाड़ियों से कहा कि उन्हें सुनिश्चित करना होगा कि इन बातों का असर उनके खेल नहीं पड़े. सीए की संचालन संस्था काफी दबाव में है क्योंकि आलोचनात्मक समीक्षा में कहा गया कि इसकी ‘आक्रामक होने की संस्कृति’ के कारण ही खिलाड़ी जीत की कोशिश में धोखाधड़ी का सहारा लेते हैं.

इसके बाद पूरी संस्था में आमूलचूल बदलाव किए गए. डेविड पीवर ने पिछले हफ्ते मुख्य कार्यकारी जेम्स सदरलैंड के नक्शेकदम पर चलते हुए अपना पद छोड़ने का फैसला किया जबकि निदेशक मार्क टेलर इस हफ्ते पद से हट गए और टीम परफॉरमेंस निदेशक पैट होवार्ड भी पद छोड़ रहे हैं. 

एरोन फिंच ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दूसरे वनडे से पहले एडिलेंड में कहा, ‘‘जब बदलाव होते हैं तो कुछ चीजें कही जाती हैं और कुछ लिखी जाती हैं. मुझे लगता है कि जब ये सब बातें हर जगह होती हैं तो मुश्किल होता है कि आप इन्हें नहीं पढ़ पाए. ’’ 
उन्होंने कहा, ‘‘आप इन्हें पढ़ने में थोड़ा बहुत समय लगा सकते हो और इससे आपके मन में कुछ तरह के संशय आ सकते हैं.'' फिंच ने कहा, ‘‘लेकिन आपको साझेदारियों निभाने पर ध्यान लगाना होगा और सुनिश्चित करना होगा कि जब आप मैदान पर जाओ तो आप अपने साझीदार के साथ अच्छा सांमजस्य बिठाओ. ’’ 

उन्होंने कहा, ‘‘जब आप बल्लेबाजी क्रम में आत्मविश्वास की बात करते हो तो बाहर चल रही बातों का आपके खेल पर असर नहीं पड़ना चाहिए.’’ 

क्या था बॉल टैंपरिंग मामला
इसी साल मार्च के महीने में दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच चल रही टेस्ट सीरीज के दौरान केपटाउन में तीसरे टेस्ट मैच के तीसरे दिन जब अफ्रीकी पारी का 43वां ओवर चल रहा था. उसी समय ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी कैमरुन बेनक्रॉफ्ट एक चिप जैसी चीज के साथ कैमरे पर पकड़े गए. कहा गया कि ये गेंद की चमक उड़ाने वाली चिप है. इसे उन्होंने गेंद पर घिसा. हालांकि, मैदानी अंपायरों ने इस बारे में उनसे बातचीत की. अंपायरों के पास जाने से पहले बैनक्रॉफ्ट को अपने अंत:वस्त्र में छोटी-सी पीली चीज रखते हुए देखा गया था. जब अंपायर उनसे बात करने के लिए पहुंचे तो उन्होंने पैंट की जेब में हाथ डालकर दिखाया और यह कोई दूसरी चीज थी. वह धूप के चश्मे को साफ करने के लिए मुलायम कपड़े जैसा लग रहा था. 

इस घटना के टीवी पर आते ही पूरे क्रिकेट जगत में तूफान खड़ा हो गया था. इसके बाद टीम के कप्तान स्टीव स्मिथ ने इस पूरे मामले की जिम्मेदारी ली थी. इस घटना के बाद स्टीव स्मिथ और डेविड वॉर्नर को एक साल के लिए बैन कर दिया गया. वहीं, कैमरुन बैनक्रॉफ्ट पर 9 महीने का प्रतिबंध लगाया गया.