दिवाली की रात्रि सबसे ज्यादा अंधेरी होती है. इसको महानिशा की रात्रि भी कहते हैं. ऐसा माना जाता है कि इस रात्रि को महालक्ष्मी पृथ्वी का भ्रमण करती हैं, जो कोई भी इस रात्रि को लक्ष्मी जी के लिए प्रार्थना करता है, उसकी प्रार्थना अवश्य स्वीकृत होती है. दीपावली के दिन किसी भी प्रकार की दरिद्रता दूर की जा सकती है.
दीपावली की रात्रि को किस प्रकार महाप्रयोग करें ?

- मध्य रात्रि को 11 से 1 बजे के बीच महाप्रयोग करें. 

- लाल या पीले रंग के वस्त्र धारण करें. 

- एक मुख का बड़ा सा घी का दीपक जलाएं. 

- पूर्व दिशा की और मुख करके पूजा की शुरुआत करें. 

- मंत्र जाप के लिए स्फटिक या रुद्राक्ष की माला का प्रयोग करें. 

दीपावली की रात्रि को धन प्राप्ति के लिए क्या प्रयोग करें?

- दीपावली की रात को एक नयी थाली लें.  

- इसमें अष्टगंध से निम्न मंत्र लिखें. 

- "ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं महालक्ष्मी मम गृहे आगच्छ आगच्छ ह्रीं नमः" 

- इसके बाद इस मंत्र की ही 11 माला का जाप करें. 

- थाली को पूजा स्थान पर ही रख दें. 

- नित्य सायं इसी थाल में दीपक जलाएं. 

- वर्ष भर धन समृद्धि मिलती रहेगी. 
अगर बहुत ज्यादा धन का कष्ट हो तो ये उपाय करें- 

- सफ़ेद रंग के स्फटिक की माला लें और अपनी उम्र के बराबर गुलाब के फूल ले लें. 

- इस माला को दीपावली की रात को मां लक्ष्मी को अर्पित करें. 

- पहले "श्रीं - श्रीं" कहते हुए एक-एक गुलाब मां लक्ष्मी को अर्पित करें. 
- इसके बाद इसी स्फटिक की माला पर निम्न मंत्र का 11 माला जाप करें. 

- "ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं त्रिभुवन महालक्ष्म्यै अस्मांक दारिद्र्य नाशय प्रचुर धन देहि देहि क्लीं ह्रीं श्रीं ॐ "
- इस माला को धारण कर लें, आपकी दरिद्रता का नाश होगा.
- लेकिन इस माला को धारण करके कभी भी न सोएं और सारे गुलाब अगले दिन बहते हुए जल में प्रवाहित करें.
दीपावली पर कैसे करें तंत्र मंत्र और नकारात्मक ऊर्जा से रक्षा?

- दीपावली की रात को एक बड़ा सा शुद्ध सरसों के तेल का दीपक जलाएं. 

- इसके ऊपर एक और दीपक तिरछा करके रख दें. 

- रात भर दीपक को जलने दें. 

- इसके अंदर काले रंग का काजल जम जाएगा. 

- इस काजल को सुरक्षित रख लें. 

- नियमित रूप से काजल का प्रयोग करने से आप हर तरह के तंत्र मंत्र और नकारात्मक ऊर्जा से सुरक्षित रहेंगे. 
पूजा का शुभ मुहूर्त-

लक्ष्मी पूजा का मुहूर्त: शाम 17:57 से 19:53 तक.

प्रदोष काल: शाम 17:27 बजे से 20:06 बजे तक.

वृषभ लग्न: 17:57 बजे से 19:53 बजे से तक.